दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से पेपर लीक के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के बीच शनिवार (25 जुलाई) को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया. उनके इस्तीफे के बाद विपक्ष की तरफ से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. शिवसेना (यूबीटी) की महिला नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे छात्रों और युवाओं की बड़ी जीत बताया.
'युवाओं की मेहनत रंग लेकर आई'
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "सबसे पहले में सभी युवाओं को बधाई देना चाहती हूं कि आपकी मेहनत रंग लेकर आई है." उन्होंने कहा कि जो युवा अपने भविष्य को अंधकार में देख रहा था, उसने इस लड़ाई को पूरी ताकत के साथ लड़ा और आखिरकार उसकी आवाज सुनी गई.
उन्होंने आगे कहा कि "आज नीट पेपर लीक के कारण अपनी जान गंवाने वाले 22 बच्चों को न्याय मिला है. मैं सभी युवाओं को बधाई देना चाहती हूं."
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'यह भारत की जीत है'
प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने बयान में आगे कहा, "छात्रों, Gen Z, उनके माता-पिता, दादा-दादी और उन सभी लोगों को बधाई जिन्होंने यह लड़ाई लड़ी. शिक्षा मंत्री का यह इस्तीफ़ा भारत की जीत है."
उन्होंने इस पूरे आंदोलन का श्रेय उन छात्रों, अभिभावकों और लोगों को दिया, जिन्होंने लगातार पेपर लीक के मुद्दे पर आवाज उठाई और जवाबदेही की मांग की.
धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर दी इस्तीफे की जानकारी
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से पेपर लीक के खिलाफ शुरू किए गए आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी.
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने बयान में कहा कि "मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है. मैंने पहले दिन से ही इसकी जिम्मेदारी ली है."
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शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर देशभर में चर्चा का विषय बन गया है. वहीं, विपक्षी दल इसे छात्रों के संघर्ष की जीत बता रहे हैं, जबकि इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सभी की नजर केंद्र सरकार के अगले फैसले पर बनी हुई है.
