पुणे नगर निगम चुनाव से पहले सियासी पारा हाई हो गया है. महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने ऐसा बयान दिया जिस पर बयानबाजी होनी तय मानी जा रही है. सोमवार (5 जनवरी) को पुणे के कटराज में एक रैली को संबोधित करते हुए सीएम फडणवीस ने डिप्टी सीएम अजित पवार का जिक्र किया और कहा कि अगर उकसाया जाएगा तो वो मैं भी जवाब दूंगा.

Continues below advertisement

मुझे उकासाया जाएगा तो जवाब दूंगा- सीएम

सीएम फडणवीस ने कहा, "पुणे चुनाव धीरे-धीरे गरमा रहा है. एक दादा (अजीत पवार) आरोप दे रहे हैं, दूसरे दादा बोल रहे हैं, अन्ना भी बोल रहे हैं. अब चुनाव ज़ोर पकड़ने लगा है. हम जितना ज़्यादा अतीत की बात करेंगे, उतने ही ज़्यादा लोगों को बताना पड़ेगा कि उन्होंने क्या किया है और इससे कई मुश्किलें पैदा होंगी. इसलिए मैंने तय किया है कि जब मुझे उकसाया जाएगा, जैसे मुंबई में, तो मैं जवाब दूंगा. अगर मैं जवाब नहीं देता, तो यह कमजोरी लगेगी. हालांकि, मेरा ध्यान विकास पर बना हुआ है."

15 जनवरी को होनी है वोटिंग

बता दें कि पुणे सहित महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को वोटिंग होनी है. पुणे में बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी तीनों अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं. पुणे महानगर पालिका की सत्ता पर 2017 से 2022 तक बीजेपी काबिज रही.

Continues below advertisement

डिप्टी सीएम अजित पवार ने क्या कहा था?

सीएम फडणवीस का बयान ऐसे समय में आया है जब डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि पुणे को केंद्र और राज्य से भारी वित्तीय सहायता प्राप्त हुई, लेकिन स्थानीय नेता इसका इस्तेमाल शहर के सार्थक विकास के लिए करने में विफल रहे. दरअसल, रविवार (4 जनवरी) को बनेर क्षेत्र में पानी की आपूर्ति की कमी, कूड़े का ढेर, सड़कों पर गड्ढे, भारी यातायात और शहर में 'बिगड़ती' कानून-व्यवस्था की स्थिति जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए पवार ने कहा कि इन समस्याओं को हल करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है. उन्होंने कहा, 'हम 'कोयता' (दरांती) गैंग को खत्म करना चाहते हैं और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना चाहते हैं. केंद्र और राज्य में हम महायुति का हिस्सा हैं, लेकिन पुणे और पिंपरी चिंचवड की स्थिति अलग है.