नासिक मल्टीनेशनल कंपनी में कथित कॉर्पोरेट जिहाद के मामले में पुलिस ने सातवें आरोपी के रूप में कंपनी की HR को गिरफ्तार किया. आरोप है कि मुस्लिम टीम लीडर्स ने हिंदू महिला कर्मचारियों का शारीरिक शोषण करने, ऑफिस में जबरन नमाज पढ़ने, हिंदू देवी देवताओं की मूर्ति अपमान और धर्म परिवर्तन कराने का दबाव बनाया. 

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इस नामी कंपनी के एचआर से पिछले चार सालों से यौनशोषण, छेड़खानी और जबरन धर्मांतरण की शिकायत की थी, लेकिन एचआर ने शिकायत को नजरंदाज किया. इस मामले में HR सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 

मामले में 7 लोगों को किया गया गिरफ्तार

नासिक स्थित एक आइटी कंपनी में चल रहे यौन शोषण और धर्मांतरण की कोशिश के मामले में कंपनी के छह टीम लीडर्स, एक एचआर अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है. महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया है.

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नासिक की एक आइटी कंपनी में कार्यरत महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि कंपनी के सीनियर कर्मचारी (टीम लीडर्स) पिछले चार साल से उन पर यौन शोषण एवं मतांतरण का दबाव डाल रहे थे.

पुलिस ने मामले पर क्या कहा?

पुलिस सूत्रों का कहना है कि वहां आठ महिलाओं और एक पुरुष कर्मचारी को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित और मजबूर किया गया. सभी ने आरोप लगाया है कि उन्हें गोमांस खाने और ऑफिस में नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया. उनके अपने धार्मिक प्रतीकों का अपमान किया गया

यह मामला तब सामने आया, जब कुछ महिला कर्मचारियों के पहनावे में बदलाव देखा गया और उन्होंने रमजान के दौरान रोजा रखना शुरू कर दिया. तब स्वजन की शिकायत के बाद नासिक पुलिस ने इस मामले में सभी पीड़िताओं की ओर से कुल नौ एफआइआर दर्ज कर अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है.

पीड़ित महिलाओं को इन लोगों ने धमकाया

गिरफ्तार लोगों में छह टीम लीडर्स हैं, जिनके नाम हैं, आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाह रुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार एवं दानिश शेख. कंपनी की एचआर प्रबंधक अश्विनी छनानी को भी गिरफ्तार किया गया है.

इन सभी आरोपियों पर पीड़ित महिलाओं को मुंह बंद रखने के लिए धमकाने का आरोप है. एसआइटी इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह कुछ लोगों द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर किया गया अपराध है या कंपनी में कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था.

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