महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत ठाकरे गुट के सांसदों को तोड़ने के लिए दिल्ली नेतृत्व से अभी तक एकनाथ शिंदे को हरी झंडी नहीं मिली है. इस बीच दावा किया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे पर्दे के पीछे लगातार कोशिश कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुप्त रूप से ठाकरे गुट के सांसदों से संपर्क में हैं. इसी संदर्भ में एक बड़ी जानकारी भी सामने आई कि बुधवार (8 अप्रैल) रात ठाणे में शिंदे और ठाकरे गुट के सांसदों के बीच एक गुप्त बैठक हुई, जिससे ठाकरे गुट की शिवसेना में हलचल मचने की संभावना है.
ठाकरे के सभी सांसदों ने वफादार रहने का दिया भरोसा
यह भी चर्चा है कि आने वाले दिनों में शिंदे 'ऑपरेशन टाइगर' के जरिए महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकते हैं. कुछ दिन पहले उद्धव ठाकरे ने अपने सांसदों को ‘मातोश्री’ पर बुलाकर उनसे बातचीत की थी, जहां सभी सांसदों ने पार्टी के प्रति वफादार रहने का भरोसा दिया था. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की गाड़ी भी बुधवार रात को अचानक उनके काफिले से अलग होकर दूसरे रास्ते से गई. इसके बाद ठाणे के वोल्टास कंपनी परिसर में शिंदे ने ठाकरे गुट के सांसदों से मुलाकात की.
सुबह तक चली शिंदे और ठाकरे गुट की बैठक
बताया जा रहा है कि यह बैठक देर रात शुरू हुई और सुबह तक चली. इस बैठक में एकनाथ शिंदे के साथ श्रीकांत शिंदे भी मौजूद थे. ठाकरे गुट की ओर से इस बैठक में अरविंद सावंत, संजय दिना पाटिल, संजय देशमुख नागेश पाटिल आष्टिकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और राजाभाऊ वाजे के शामिल होने की बात कही जा रही है. वही ओमराजे निंबाळकर समेत दो सांसद वीडियो कॉल के जरिए बैठक में जुड़े थे. यह भी बताया गया कि, इस बैठक में इन सांसदों को शिंदे गुट में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया.
'पिछले एक साल से ऐसी अफवाहें चल रही हैं'- श्रीकांत शिंदे
हालांकि, जब ठाकरे गुट के सांसदों से संपर्क किया गया तो निंबाळकर और सावंत दोनों ने ऐसी किसी भी बैठक से इनकार कर दिया. अरविंद सावंत ने कहा कि वे किसी भी हालत में एकनाथ शिंदे के साथ नहीं जाएंगे. वहीं, ओमराजे निंबालकर ने कहा, 'मैं दो बार का सांसद हूं. पिछले दो कार्यकाल से ऐसी चर्चाएं होती रही हैं. गलत खबरों पर मैं सफाई नहीं दूंगा. मुझे ऐसी किसी बैठक की जानकारी नहीं है. अगर बैठक हुई है, तो उसके फोटो दिखाएं.'
एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी बैठक की अटकलों पर कहा, 'पिछले एक साल से ऐसी अफवाहें चल रही हैं, और यह भी उसी तरह की अफवाह है. इस खबर में कोई सच्चाई नहीं है, ऐसी कोई बैठक नहीं हुई.'
