भारत के बड़े शहरों में मेट्रो का विस्तार तेजी से हो रहा है और यह अब शहरी परिवहन की रीढ़ बनता जा रहा है. इसी क्रम में मुंबई मेट्रो ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इस उपलब्धि के तहत मुंबई मेट्रो नेटवर्क का विस्तार 100 किलोमीट से अधिक का हो गया है. इस विस्तार के साथ बेंगलुरु को पीछे छोड़ते हुए मुंबई मेट्रो अब देश का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन गया है. पहले नंबर पर 416 किलोमीटर परिचालन नेटवर्क के साथ दिल्ली मेट्रो पहले स्थान पर है. वहीं, अब बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो लगभग 96 किलोमीटर के परिचालन नेटवर्क के साथ तीसरे स्थान पर है.

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अभी हाल ही में मुंबई मेंट्रो नेटवर्क में दो नई लाइनें (मेट्रो लाइन 9 और मेट्रो लाइन 2B) जुड़ने से यह बड़ी उपलब्धि हासिल हुई. हालांकि, ये दोनों लाइनें अभी पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हुई हैं, लेकिन पहले चरण के तहत शुरू हुए परिचालन से कुल नेटवर्क में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है. फेज-1 के  तहत मेट्रो-9 की ऑपरेशनल लंबाई करीब 4.7 किलोमीटर है, जो ठाणे क्षेत्र तक पहली सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी वाला मार्ग है.  

कैसे मुंबई मेट्रो नेटवर्क ने हासिल की यह उपलब्धि?

गौर हो कि मुंबई  की मेट्रो लाइन 9 को लाइन 7 से जोड़ा गया है, जिससे अंधेरी ईस्ट से मीरा-भायंदर तक अब सीधा सफर संभव हो गया है. इन दो नई लाइनों के जुड़ने से मुंबई का परिचालन मेट्रो नेटवर्क छह कॉरिडोर तक विस्तारित हुआ है. वहीं, फेज-1 के  तहत मेट्रो लाइन 2B की ऑपरेशनल लंबाई करीब 5.6 किमी है, जो  2B मुंबई में हार्बर लाइन पर पहली मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करेगी. इन दोनों मेट्रो लाइनों के शुरू होने से मुंबई में सफर पहले से तेज और आसान हो जाएगा. लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और रोजाना के सफर में काफी समय बचेगा.

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पिछले कुछ वर्षों में तेजी से हुआ विस्तार

इस तरह नए नेटवर्क के परिचालन की शुरूआत हो जाने से मुंबई मेंट्रो का नेटवर्क का 101 किलोमीटर तक विस्तार हो गया है. गौर हो कि मुंबई मेट्रो का विस्तार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से हो रहा है. रिपोर्ट्स की मानें तो  मुंबई मेट्रो नेटवर्क का विस्तार लगभग 330-350 किमी तक हो सकता है, जिससे यह और भी बड़ा और अधिक प्रभावी हो जाएगा. इससे ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने, यात्रा समय घटाने और पर्यावरणीय प्रदूषण को नियंत्रित करने में काफी मदद मिलेगी.