मुंबई के पवई स्थित RA स्टूडियो के सनसनीखेज किडनैपिंग मामले में नया अपडेट आया है. इस बंधक कांड के बाद पुलिस ने मृत आरोपी रोहित आर्या के 'RA स्टूडियो' से पिस्टल, पेट्रोल, ज्वलनशील रबर सॉल्यूशन और लाइटर बरामद किया है. 

यह वही स्टूडियो है जहां आरोपी ने बच्चों को बंधक बना रखा था. पुलिस ने मामले में बीएनएस 2023 की धारा 109(1), 140 और 287 के तहत केस दर्ज किया है. जांच अब क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है और बरामद वस्तुओं को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है.

रेस्क्यू ऑपरेशन का पूरा प्लान

सूत्रों के अनुसार, मुंबई पुलिस ने ‘RA स्टूडियो’ में बंधक बने बच्चों को बचाने के लिए एक रणनीतिक ऑपरेशन चलाया. पुलिस ने पहले बातचीत के जरिए रोहित आर्या को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं माना तो टीम ने बिल्डिंग के अंदर घुसने का फैसला लिया. महावीर क्लासिक बिल्डिंग के बायीं ओर बने एक डक्ट (Duck) से पुलिस टीम ने प्रवेश किया.

बाथरूम के रास्ते पहुंची पुलिस टीम

रेस्क्यू टीम ने पहले बिल्डिंग का लेआउट देखा और फिर तय किया कि बाथरूम के रास्ते अंदर घुसना सबसे सुरक्षित होगा. इसके लिए फायर ब्रिगेड की सीढ़ियों का इस्तेमाल किया गया. पुलिस अधिकारी इन सीढ़ियों से पहली मंजिल तक पहुंचे और फिर बाथरूम से स्टूडियो के भीतर दाखिल हुए. इसके बाद ऑपरेशन को अंजाम दिया गया और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई

पवई पुलिस ने मृत आरोपी रोहित आर्या के खिलाफ बीएनएस की कई धाराओं में केस दर्ज करने के बाद केस की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है. बरामद पिस्टल, पेट्रोल, रबर सॉल्यूशन और लाइटर जैसे सबूत फॉरेंसिक लैब में भेजे गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी का मकसद क्या था. जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि रोहित आर्या ने यह सभी ज्वलनशील सामग्री कहां से और क्यों इकट्ठा की थी.