मालेगांव महानगरपालिका में महापौर और उपमहापौर के चुनाव से पहले राजनीति ने अचानक नया मोड़ ले लिया है. वैचारिक रूप से एक-दूसरे के खिलाफ मानी जाने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के कुछ पार्षदों ने साथ आकर नया राजनीतिक मोर्चा बना लिया है. इस घटनाक्रम ने पूरे शहर की सियासत में हलचल मचा दी है.

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सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के 3 और भाजपा के दो पार्षदों ने मिलकर ‘भारत विकास आघाडी’ नाम से एक स्वतंत्र समूह का गठन किया है. आमतौर पर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले दलों के पार्षदों का एक मंच पर आना सभी के लिए हैरानी की बात है. स्थानीय राजनीति में इसे एक दुर्लभ और अहम घटनाक्रम माना जा रहा है.

84 सदस्यीय सदन में बदले समीकरण

मालेगांव महानगरपालिका की कुल सदस्य संख्या 84 है. मौजूदा हालात में किसी भी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है. ऐसे में 5 पार्षदों का यह नया मोर्चा सत्ता संतुलन बिगाड़ने या बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है. माना जा रहा है कि महापौर और उपमहापौर के चुनाव में यह समूह ‘किंगमेकर’ साबित हो सकता है.

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एजाज बेग के हाथ कमान

सूत्रों के अनुसार, इस नवगठित ‘भारत विकास आघाडी’ की अगुवाई कांग्रेस पार्षद एजाज बेग करेंगे. बताया जा रहा है कि मोर्चा शहर के विकास और स्थिर प्रशासन को प्राथमिकता देने के नाम पर बना है. हालांकि, इसके पीछे की असली राजनीतिक रणनीति आने वाले दिनों में साफ होगी.

महानगरपालिका चुनाव के नतीजे पहले ही घोषित हो चुके हैं, लेकिन महापौर और उपमहापौर का चुनाव अभी होना बाकी है. ऐसे समय में इस नए मोर्चे का बनना बाकी दलों की रणनीति पर भी असर डाल सकता है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले कुछ दिन मालेगांव की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित होंगे.

‘भारत विकास आघाडी’ के गठन ने यह साफ कर दिया है कि महापौर चुनाव से पहले मालेगांव की सियासत में अभी और भी बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं.