महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा हलचल होने की संभावना है. उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे गुट के आधे से ज्यादा सांसदों को अपने खेमे में लाने के लिए बड़ी रणनीति बनाई है. चर्चा है कि दिल्ली में हुई एक अहम बैठक में इस पर मुहर भी लग गई है.
लोकसभा, विधानसभा, महानगरपालिका, जिला परिषद और नगर पंचायत चुनावों के बाद राजनीतिक माहौल स्थिर होता दिख रहा था. अब महाराष्ट्र की राजनीति में फिर से बड़ा बदलाव आने की संभावना जताई जा रही है. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जल्द ही उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (ठाकरे गुट) को बड़ा झटका देने की तैयारी में हैं.
राजनीतिक रणनीति पर सहमति भी बन गई!
बताया जा रहा है कि शिंदे गुट ने अब ठाकरे गुट के सांसदों पर फोकस किया है और आधे से ज्यादा सांसद उनके संपर्क में हैं. इनमें से करीब 4 सांसद पार्टी में शामिल हो सकते हैं
हाल ही में एकनाथ शिंदे दिल्ली दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने कुछ नेताओं से अहम मुलाकात की. इस बैठक में सिर्फ राज्य के विकास कार्यों पर ही नहीं, बल्कि आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर सहमति भी बन गई है.
सूत्रों के मुताबिक, शिंदे ने संपर्क में मौजूद ठाकरे गुट के सांसदों की पूरी सूची पार्टी नेतृत्व को सौंप दी है. साथ ही, संभावित दलबदल में कोई कानूनी अड़चन न आए, इसके लिए कानूनी पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई है. सांसदों की सदस्यता रद्द न हो, इसके लिए सही समय और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जाएगा.
शिंदे और ठाकरे गुट से कौन-कौन सांसद?
सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिंदे गुट के वर्तमान सांसदों में डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे कल्याण से, नरेश गणपत म्हस्के ठाणे से, रविंद्र दत्ताराम वायकर मुंबई उत्तर-पश्चिम से, श्रीरंग अप्पा चंदू बारणे मावल से, प्रतापराव गणपतराव जाधव बुलढाणा से, संदीपनराव आसाराम भुमरे औरंगाबाद से और धैर्यशील संभाजीराव माने हातकणंगले से सांसद हैं. वहीं उद्धव ठाकरे के ठाकरे गुट के सांसदों में अरविंद सावंत मुंबई दक्षिण से, अनिल देसाई मुंबई दक्षिण मध्य से, संजय दिना पाटील मुंबई उत्तर-पूर्व से, संजय देशमुख यवतमाल-वाशीम से, नागेश बापूराव पाटील आष्टिकर हिंगोली से, संजय हरिभाऊ जाधव परभणी से, राजाभाऊ प्रकाश वाजे नाशिक से, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे शिर्डी से और ओमप्रकाश राजेनिंबालकर उस्मानाबाद (धाराशिव) से सांसद हैं.
माना जा रहा है कि सही समय देखकर ठाकरे गुट को बड़ा झटका देने की योजना तैयार की जा रही है.इन संभावित राजनीतिक घटनाक्रमों से ठाकरे गुट में चिंता का माहौल है. अब ‘मातोश्री’ से अपने सांसदों को बचाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजर बनी हुई है.
