महाराष्ट्र में मेट्रो परियोजनाओं का कार्य तेजी से जारी है. मुंबई, पुणे, नागपुर तथा मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआरडीए) के शहरी इलाकों में सुरक्षित, आधुनिक और तेज सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने से भविष्य के शहरी विकास को गति मिलेगी. इस दृष्टि से मेट्रो परियोजनाओं का कार्य शुरू होने के बाद तीन वर्षों के भीतर पूरा करने की योजना बनाई जाए, ऐसे निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए.

Continues below advertisement

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बुनियादी ढांचा समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ओ. पी. गुप्ता, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव लोकेश चंद्रा, प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

'मैं करारा जवाब दूंगी...', गूंगी गुड़िया विवाद पर पहली बार बोलीं सुनेत्रा पवार

Continues below advertisement

व्यापक मेट्रो नेटवर्क को किया जा रहा विकसित- फडणवीस

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सक्षम, तेज और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए व्यापक मेट्रो नेटवर्क विकसित किया जा रहा है. वर्तमान में राज्य में 174 किलोमीटर के मेट्रो मार्ग यात्रियों के लिए शुरू हो चुके हैं, जबकि 291 किलोमीटर के मार्गों पर प्रत्यक्ष निर्माण कार्य जारी है. इसके अलावा, 130 किलोमीटर के मार्ग मंजूरी की प्रक्रिया में हैं और 87.15 किलोमीटर के मार्गों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है.

राज्य में ₹2,80,755 करोड़ की मेट्रो परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं. इनमें केंद्र सरकार का कुल हिस्सा ₹27,216 करोड़ है, जबकि राज्य सरकार का प्रत्यक्ष हिस्सा ₹50,250 करोड़ है. इसके अतिरिक्त, एमएमआरडीए, स्थानीय स्वशासी संस्थाओं और नियोजन प्राधिकरणों के माध्यम से ₹75,729.62 करोड़ की वित्तीय योजना बनाई जाएगी. शेष निधि की व्यवस्था सरकारी गारंटी वाले ऋण के माध्यम से की जाएगी. कुछ परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि कुछ निर्माणाधीन और कुछ मंजूरी के चरण में हैं. यह जानकारी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री फडणवीस को दी गई.

कुल 683 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क

मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में कुल 428.89 किलोमीटर, पुणे महानगर क्षेत्र (पीएमआर) में 169.45 किलोमीटर और नागपुर महानगर क्षेत्र (एनएमआर) में 85.20 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क विकसित किया जा रहा है. इस प्रकार राज्य में प्रस्तावित और संचालित मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 683.53 किलोमीटर है.

राज्य सरकार ने वर्षवार योजना तैयार की है. इसके तहत मुंबई, पुणे और नागपुर में विभिन्न मेट्रो मार्गों के विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस वर्ष 87 किलोमीटर के मेट्रो मार्ग और 56 स्टेशन विकसित करने के साथ ही वर्ष 2029-30 तक नियोजित 302 किलोमीटर के मेट्रो मार्ग और 161 स्टेशन तैयार करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है.

मेट्रो-10 मार्ग का निर्माण जल्द

बैठक में एमएमआर क्षेत्र के मीरा गांव से गायमुख तक प्रस्तावित मेट्रो-10 मार्ग के लिए की जा रही कार्रवाई की जानकारी भी दी गई. इस मेट्रो मार्ग के लिए अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है.

योजना और आवश्यक अनुमतियों से संबंधित प्रक्रिया अंतिम चरण में है. इस परियोजना पर लगभग ₹8,500 करोड़ की लागत आने का अनुमान है. 9.68 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर पांच एलिवेटेड स्टेशन होंगे. मुख्यमंत्री फडणवीस ने मेट्रो-10 परियोजना का कार्य तीन वर्षों के भीतर पूरा करने के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए.

भविष्य की प्रस्तावित मेट्रो परियोजनाएं

राज्य सरकार ने नए मेट्रो मार्गों की योजना बनाई है. इनमें निम्नलिखित मेट्रो मार्ग शामिल हैं:

मुंबई मेट्रो-11 (अनिक डिपो–वडाला–गेटवे ऑफ इंडिया) – 17.51 किलोमीटर

हडपसर–लोणी कालभोर और हडपसर–सासवड रोड – 16.68 किलोमीटर

नवी मुंबई मेट्रो-1ए और 2 (बेलापुर–सागर संगम तथा पेंधर–नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा) – 17.09 किलोमीटर

कान्हान नदी–कान्हान सिटी (नागपुर फेज-2 विस्तार) – 1.45 किलोमीटर

मुंबई मेट्रो-8 (सीएसएमआईए–एनएमआईए) – 34.90 किलोमीटर

मुंबई मेट्रो-10 (गायमुख–छत्रपति शिवाजी महाराज चौक) – 9.20 किलोमीटर

मुंबई मेट्रो-13 (शिवाजी चौक–वसई-विरार) – 25.03 किलोमीटर

मुंबई मेट्रो-12ए (मानपाड़ा–कल्याण–खुटारी–तलोजा) – 18.40 किलोमीटर

मुंबई मेट्रो-3 विस्तार (कफ परेड–नवी नगर) – 1.40 किलोमीटर

मुंबई मेट्रो-14 (कांजूर–बदलापुर) – 45.15 किलोमीटर

पुणे मेट्रो फेज-3 (निगड़ी–वाकड–नासिक फाटा–चाकण) – 42.00 किलोमीटर

'रमेश बिधूड़ी में इतनी हिम्मत होती तो वो...', पंक्चर वाले बयान पर भड़के वारिस पठान