महाराष्ट्र सरकार ने सिंधुदुर्ग जिले के वेंगुर्ला कैंप गावली वाड़ा में 42 परिवारों से किए गए अतिक्रमण को नियमित करने की घोषणा की है. यह कदम ब्रिटिश काल से लंबित मुद्दे का समाधान करता है.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के प्रयासों से गावली समुदाय को बड़ी राहत मिली है. वेंगुर्ला नगर परिषद से यह प्रस्ताव पारित किया गया था कि यह अतिक्रमण 1905 से पहले का है.

प्रति परिवार भूमि नियमितीकरण और शर्तों के साथ आवंटन

सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रति परिवार 1,500 वर्ग फुट भूमि निःशुल्क नियमित की जाएगी. अतिरिक्त भूमि का मूल्य 1989 की दरों के आधार पर वसूल किया जाएगा और निवासियों ने इस अतिरिक्त हिस्से की लागत भरने पर सहमति जताई है.

नियमित की गई जमीन ‘ऑक्युपेंसी क्लास-2’ धारिता के अंतर्गत दी जाएगी, जिसके तहत बिना सरकारी मंजूरी के इसे बेचा या हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा. यह निर्णय कुल 2.93.20 हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि को कवर करता है, जिसमें 0.69.32 हेक्टेयर निर्मित क्षेत्र और 2.23.88 हेक्टेयर खुली भूमि शामिल है.

मंत्री बावनकुले के प्रयासों से ऐतिहासिक विवाद का समाधान मॉडल

सिंधुदुर्ग दौरे के दौरान राजस्व मंत्री बावनकुले के सक्रिय प्रयास इस लंबे समय से लंबित विवाद को सुलझाने में महत्वपूर्ण साबित हुए हैं. यह निर्णय राज्यभर में इसी तरह के मामलों को सुलझाने के लिए एक मॉडल प्रस्तुत करता है और यह दर्शाता है कि सरकार ऐतिहासिक दावों वाले समुदायों के साथ खड़ी है.