Devendra Fadnavis Shayari: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मंगलवार (25 मार्च) को विधानसभा में शायराना अंदाज में नजर आए. उन्होंने विरोधियों को चुनौती देने के लिए अपनी मजबूती का एहसास कराया.
उन्होंने साक़ी अमरोहवी की लाइन पढ़ते हुए कहा, ''मंज़िलें लाख कठिन आएं, गुजर जाऊंगा. हौसला हार के बैठूंगा तो मर जाऊंगा...चल रहे थे जो मेरे साथ कहां हैं वो लोग? जो ये कहते थे कि रास्ते में बिखर जाऊंगा. लाख रोके ये अंधेरा मेरा रास्ता लेकिन, मैं जिधर रोशनी आएगी उधर जाऊंगा...''
आप में वो पहले वाली बात कहां बाकी है?- देवेंद्र फडणवीस
फडणवीस ने एक अन्य शायरी में कहा, ''आप इतना भी गरज-गरज कर ना बरसो, कि मैं आंधी-तूफान या सैलाब बन जाऊं. खैर मुझमे तो अभी साख बाकी है, आप टटोलना खुद को और फ़ितरत को, सच बोलो! आप में वो पहले वाली बात कहां बाकी है?'' इस दौरान सदन में खूब ठहाके लगे.
माना जा रहा है कि उनका इशारा उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) के साथ साथ शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस की तरफ था. दरअसल, 2019 में शिवसेना के दूर होने के बाद देवेंद्र फडणवीस पिछले साल आखिरी में मुख्यमंत्री बने थे.
इससे पहले करीब पांच सालों तक वो विपक्षी शिवेसना (यूबीटी) के निशाने पर रहे. दावा किया कि देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे, लेकिन बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच एकबार फिर वो सीएम बने.
देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार में एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल है. विधानसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी), शरद पवार की एनसीपी (एसपी) और कांग्रे को करारी हार का सामना करना पड़ा था.
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