महारष्ट्र के नासिक में आज प्याज किसानों की किल्लत को लेकर महाविकास अघाड़ी (MVA) के नेतृत्व में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन होने जा रहा है, जिसमें कांग्रेस और शिवसेना (UBT) व एनसीपी (शरद पवार) के कई बड़े नेता शामिल होंगे. इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व विधान परिषद में विपक्ष के पूर्व नेता अंबादास दानवे, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और विधायक रोहित पवार कर रहे हैं.
विपक्ष की पूरी कोशिश किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की होगी. उधर विपक्ष के तेवरों को देखते हुए केंद्र सरकार ने किसानों को कुछ राहत देते हुए उनकी MSP बढ़ाने का ऐलान किया है.
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रोहित पवार ने दी थी आंदोलन की चेतावनी
आठ दिन पहले, लासलगांव कृषि उपज मंडी समिति (APMC) का दौरा करने के बाद, विधायक रोहित पवार ने चेतावनी दी थी कि प्याज के मुद्दे पर एक विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा. इसके बाद, महाविकास अघाड़ी ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया. रोहित पवार ने कई किसानों से वार्ता की, जिसमें उन्हें बदहाली के बारे में बताया गया. इसके बाद आंदोलन का फैसला लिया गया. विपक्ष बीजेपी गठबंधन सरकार पर पूरी तरह हमलावर है.
केंद्र ने दी राहत
प्याज किसानों के मुद्दे पर जैसे ही विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन का हथियार उठाया, केंद्र सरकार ने नासिक ज़िले के प्याज़ उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए तत्काल एक फैसला लिया. आज से प्रभावी, रबी सीजन के प्याज की खरीद के लिए न्यूनतम सुनिश्चित मूल्य को ₹1,235 से बढ़ाकर ₹1,580 कर दिया गया है. यह खरीद NAFED और NCCF के माध्यम से की जाएगी.
नासिक जिले में जिसमें लासलगांव, चांदवड, निफाड़ और पिंपलगांव जैसे स्थान शामिल हैं, NAFED ने लगभग 19 खरीद केंद्र स्थापित किए हैं. इन केंद्रों के माध्यम से प्याज की खरीद की जाएगी. हालांकि, किसानों के बीच इस बात को लेकर रोष बढ़ रहा है कि यह राशि अपर्याप्त है और इससे उनकी उत्पादन लागत भी पूरी नहीं हो पाएगी.
नतीजतन, जहां एक ओर सरकार किसानों को राहत देने के प्रयास कर रही है वहीं विपक्ष आज पूरे राज्य में नासिक सहित विरोध प्रदर्शन करने के लिए तैयार है, ताकि सरकार से जवाबदेही की मांग की जा सके.
