महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में वोटिंग से पहले ही बड़ी दिलचस्प खबरें सामने आ रही हैं. सत्ताधारी महायुति गठबंधन ने 69 में से 68 सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज की है. इनमें सबसे ज्यादा फायदा बीजेपी को हुआ है, जिसके 44 उम्मीदवार बिना मुकाबले चुने गए हैं. बता दें कि 2 जनवरी को नामांकन वापसी की अंतिम तारीख थी, जिसके बाद ये खबर सामने आई है.

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नॉमिनेशन वापस लेने की प्रक्रिया के दौरान पूरे महाराष्ट्र में सत्ताधारी दलों ने बागियों को मनाने की व्यापक कोशिशें कीं. नासिक से सोलापुर और मुंबई से नागपुर तक राजनीतिक तनाव और नाटकीय हालात देखने को मिले. सोलापुर में कथित तौर पर बीजेपी के दो गुटों के बीच झड़प हुई, जिसमें एक पार्टी कार्यकर्ता की मौत हो गई. हालात को संभालने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा.

बागियों को मनाने में असफलता ने दिलाई जीत!

नासिक में बाहरी उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने के विरोध में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने तीखी नाराजगी दिखाई. इस दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच गरमागरम बहस हुई. मुंबई में पार्टी नेतृत्व की कोशिशों के बावजूद वार्ड 60, 173, 205, 177 और 180 से बीजेपी के पांच बागी उम्मीदवार मैदान में डटे रहे. वहीं उद्धव और राज ठाकरे करीब नौ वार्डों में बागियों को मनाने में नाकाम रहे.

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भिवंडी में ठाकरे गुटों के बीच गठबंधन टूट गया और दोनों ओर से एक-दूसरे के खिलाफ नामांकन दाखिल किए गए. पनवेल में सात महा विकास अघाड़ी उम्मीदवारों के नाम वापस लेने से बीजेपी के प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए. नागपुर में बीजेपी के बागी किसान गावंडे को कथित तौर पर समर्थकों ने घर में बंद कर दिया, बाद में उन्होंने पार्टी निर्देश मानने की अपील की. कांग्रेस में विकास ठाकरे और नितिन राउत दिनभर बागियों को मनाने में जुटे रहे.

छत्रपति संभाजीनगर में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बाहरी उम्मीदवारों को तरजीह देने के आरोप में प्रदर्शन किया. कई बागियों ने नाम वापस ले लिया, लेकिन प्रशांत भदाणे-पाटिल ने वार्ड नंबर 2 से हटने से इनकार कर दिया. आईएएनएस के अनुसार,  जांच के बाद सामने आए आंकड़ों के अनुसार 29 नगर निगमों में कुल 69 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए. इनमें बीजेपी के 44, शिवसेना के 22, अजित पवार की एनसीपी के 2 और इस्लामिक पार्टी का 1 उम्मीदवार शामिल है.

कल्याण में मिली सबसे ज्यादा सीटें

नगरपालिका स्तर पर देखें तो बीजेपी ने कल्याण में सबसे ज्यादा 15 सीटें निर्विरोध जीतीं. इसके बाद भिवंडी, पनवेल और जलगांव में छह-छह सीटें मिलीं. शिवसेना ने ठाणे में सात, कल्याण में सात और जलगांव में छह सीटें हासिल कीं. अजित पवार की एनसीपी को जलगांव में दो और इस्लामिक पार्टी को मालेगांव में एक सीट मिली. बृहन्मुंबई नगर निगम सहित सभी नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होंगे.