महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने लाडकी बहिन योजना का नाम दिवंगत डिप्टी सीएम अजित पवार के नाम पर करने की मांग पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सरकार इस बारे में सोचेगी. दरअसल, एनसीपी के एमएलसी अमोल मिटकरी ने मंगलवार (3 फरवरी) को मांग की थी कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना का नाम अजित पवार के नाम पर किया जाए.
मीडिया से बातचीत में सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार (4 फरवरी) को कहा कि कई मांगे हैं. हम साथ में बैठेंगे और इस पर फैसला लेंगे. 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में विमान दुर्घटना में एनसीपी अध्यक्ष और डिप्टी सीएम अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्य का डिप्टी सीएम बनाया गया है.
अजित दादा प्रदेश की महिलाओं के चहेते थे- मिटकरी
एनसीपी के एमएलसी अमोल मिटकरी ने तारीफ करते हुए कहा था कि अजित दादा प्रदेश की महिलाओं के चहेते थे. राज्यभर में यात्राओं के दौरान उनकी कलाई राखियों से भरी रहती थी. उन्होंने कहा, ''महाराष्ट्र सरकार इस योजना का नाम 'अजितदादा की लाडकी बहिन योजना' रखकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देगी. महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम दिवंगत अजित पवार की अस्थियां सोमवार (02 फरवरी) को एनसीपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में गोदावरी नदी के तटों पर रामकुंड में विसर्जित कर दी गईं.
अजित पवार के वित्त मंत्री रहते हुए योजना हुई थी लागू
अजित पवार के वित्त मंत्री रहते हुए जुलाई 2024 में 'लाडकी बहिन योजना' की घोषणा की गई थी. इस योजना के तहत 21 से 65 वर्ष की आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को सीधे बैंक ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हर महीने 1,500 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है. ऐसा माना जाता है कि इस योजना ने 2024 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन की जीत में अहम भूमिका निभाई थी.
