कल्याण डोबिंवली महानगरपालिका में राज ठाकरे की पार्टी ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन दिया है. इस पर उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने बड़ा खुलासा किया. उन्होंने दावा किया कि ये राज ठाकरे का फैसला नहीं है. संजय राउत ने बुधवार (21 जनवरी) को मीडिया से बातचीत में कहा कि ये राज ठाकरे की नहीं बल्कि उनके स्थानीय नेताओं का फैसला है.

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'राज साहब का कहना है कि...'

संजय राउत ने कहा, "राज ठाकरे बहुत व्यथित हैं जिस तरह से स्थानीय नेताओं ने फैसला लिया है. राज साहब का कहना है कि ये मेरी भूमिका नहीं है. ये मेरी पार्टी की भूमिका नहीं है. अगर स्थानीय लोगों ने पार्टी के खिलाफ जाकर भूमिका ली है तो इस पर कठोर एक्शन होना चाहिए. जैसे अंबरनाथ में कांग्रेस के 12 पार्षद बीजेपी के साथ चले गए तो उनको पार्टी से निकाल दिया गया. हमारी पार्टी में भी जो खिलाफ काम करता है उसे निकाल देते हैं."

वहां के लोगों ने बहुत बड़ी गलती की- संजय राउत

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद ने आगे कहा, "सत्ता के लिए महाराष्ट्र के साथ बेईमानी करने वालों के साथ अगर कोई जाता है तो लोग उन्हें भी बेईमान कहेंगे. ये बहुत बड़ी गलती वहां के लोगों ने की है." 

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कल्याण डोंबिवली में बहुमत का आंकड़ा 62

कल्याण डोबिंवली में बहुमत के लिए 62 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है. यहां न तो शिवसेना (52) के पास बहुमत है और न ही बीजेपी (51) के पास मेयर बनाने का आंकड़ा है. यहां राज ठाकरे की MNS के 5 पार्षद जीते हैं.

शिंदे गुट ने क्या कहा?

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे और शिवसेना के लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा, "मनसे ने यहां पर महायुति को समर्थन दिया है. यहां पर बीजेपी, शिवसेना, मनसे और जो लोग भी हमारे साथ आएंगे उनके साथ मिलकर महायुति यहां पर सत्ता स्थापित करेगी. विकास के लिए जिनको भी यहां पर आना है, उनका स्वागत है."