राज ठाकरे की पार्टी ने महाराष्ट्र में ऐसा फैसला लिया जिससे सभी चौंक गए. दरअसल, कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका में मेयर के चुनाव से पहले राज ठाकरे की पार्टी ने एकनाथ शिंदे को समर्थन देने का फैसला कर दिया. इस फैसले ने सभी को हैरान कर दिया क्योंकि सालों की खटास के बाद राज ठाकरे ने अपने भाई उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन किया था. उनकी पार्टी MNS के इस फैसले पर अब उद्धव ठाकरे गुट की प्रतिक्रिया सामने आई है. उद्धव गुट के नेता अनिल परब ने साफ किया कि वो सिर्फ अपनी पार्टी की बात कर सकते हैं.

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अनिल परब ने क्या कहा?

अनिल परब ने कहा, "मैं सिर्फ अपनी पार्टी की बात कर सकता हूं. मैं उस पर बात नहीं कर सकता कि दूसरी पार्टी क्या करेगी. मेरी पार्टी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) है और सभी फैसले उद्धव ठाकरे लेंगे."

कल्याण डोबिंबली में क्या है मेयर का गणित?

कल्याण डोबिंबली में कुल 122 सीटें हैं. यहां मेयर बनाने के लिए किसी भी दल के पास 62 सीटों का जादुई आंकड़ा होना चाहिए. यहां हुए महानगरपालिका चुनाव में किसी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिला है. यहां एकनाथ शिंदे की शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और 52 सीटों पर कब्जा जमाया. लेकिन मेयर के लिए 10 और पार्षदों का समर्थन चाहिए.

राज ठाकरे की पार्टी ने यहां 5 सीटों पर जीत हासिल की है. राज ठाकरे के पांच पार्षदों को मिला लिया जाए तो आंकड़ा 57 हो जाता है. ये बहुमत से अभी भी कम ही है. सूत्रों की मानें तो आंकड़ें को पूरा करने के लिए अन्य दलों के पार्षदों से संपर्क किया जा रहा है.

यहां ये बता दें कि कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका चुनाव में बीजेपी और शिवसेना ने गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था. लेकिन अब शिवसेना बिना बीजेपी के ही यहां पर सत्ता के समीकरण को साधने की तैयारी में जुट गई है.