महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंगलवार (2 जून) को 36,585 करोड़ रुपये की कृषि ऋण माफी योजना को मंजूरी दे दी, जिससे लगभग 56 लाख किसानों को लाभ होने की उम्मीद है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान किसानों की कर्ज माफी का वादा किया था. माना जा रहा है कि फडणवीस सरकार ने यह फैसला लेकर उसी चुनावी वादे को पूरा किया है.

Continues below advertisement

सीएम देवेंद्र फडणवीस के मंत्रिमंडल ने किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ करने के लिए ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना’ को मंजूरी दे दी. इसके साथ ही, समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को प्रोत्साहन लाभ देने का भी फैसला किया गया.

65 लाख से ज्यादा बेंक खाते होंगे शामिल

Continues below advertisement

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया. इस योजना के तहत 65 लाख से अधिक खातों को शामिल किया जाएगा और लगभग 56 लाख किसानों के 36,585 करोड़ रुपये के ऋण माफ किए जाने की उम्मीद है.

समय से लोन भरने वाले किसानों को 50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि

फिलहाल, 18 जून को होने वाले विधान परिषद चुनावों के लिए लागू आदर्श आचार संहिता के मद्देनजर ऋण राहत पैकेज के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई. मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया कि जिन किसानों ने नियमित रूप से अपने फसल ऋण का भुगतान किया है, उन्हें 50 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा.

इस योजना के तीन घटक हैं- ऋण माफी, एकमुश्त निपटान (OTS) और प्रोत्साहन लाभ तथा पात्रता के लिए भूमि स्वामित्व का कोई मानदंड नहीं होगा.

अप्रैल 2019 से लोन लेने वाले किसानों को लाभ

कर्जमाफी घटक के तहत जिन किसानों का मूलधन और ब्याज सहित कुल बकाया अल्पकालिक फसल ऋण दो लाख रुपये तक है, उन्हें पूरी कर्जमाफी का लाभ मिलेगा. इसके लिए ऋण एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच वितरित किया गया होना चाहिए, 30 सितंबर 2025 तक बकाया रहा हो तथा 31 मार्च 2026 तक उसका भुगतान नहीं किया गया हो.

जिन किसानों का बकाया ऋण दो लाख रुपये से अधिक है, उन्हें योजना के एकमुश्त निपटान घटक के तहत शामिल किया जाएगा. ऐसे किसानों को पहले दो लाख रुपये से अधिक की राशि का भुगतान करना होगा, जिसके बाद वे दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी के पात्र बन जाएंगे. किसानों को बकाया राशि में से अपना हिस्सा जमा कराने के लिए 31 मार्च, 2027 तक का समय दिया गया है.

इस योजना में कौन नहीं होगा शामिल?

राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता और सहकारी संस्थाओं के वे अधिकारी और कर्मचारी जिनका वेतन 25,000 रुपये प्रति माह से अधिक है, उन्हें इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है.

प्रोत्साहन लाभ कैसे ले सकेंगे किसान?

प्रोत्साहन लाभ घटक के तहत, 2022-23 से 2024-25 के बीच के तीन वित्तीय वर्षों में से कम से कम दो वर्षों में निर्धारित अवधि के भीतर फसल ऋण चुकाने वाले किसानों को 50,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इसके अलावा, पात्र लाभार्थियों ने अगर चालू वित्तीय वर्ष में फसल ऋण लिया है, तो उन्हें उसका भुगतान भी समय पर करना होगा.

एक अन्य प्रावधान के तहत, जिन किसानों पर 50,000 रुपये से अधिक का बकाया है, वे उस सीमा से अधिक की शेष राशि का भुगतान करने के बाद 50,000 रुपये का अनुदान प्राप्त कर सकते हैं, जिससे वे ऋणमुक्त हो जाएंगे. योजना के क्रियान्वयन की निगरानी मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एक उच्चस्तरीय समिति करेगी.

कर्जमाफी योजना पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया 

विपक्षी दल कांग्रेस ने कहा कि कर्जमाफी योजना केवल घोषणा बनकर नहीं रह जानी चाहिए, क्योंकि अतीत में इस तरह की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता पर सवाल उठते रहे हैं.

कांग्रेस ने कहा कि ‘लाडकी बहिन योजना’ शुरू होने के कुछ समय बाद लगभग 80 लाख महिलाओं को अपात्र घोषित कर दिया गया. कांग्रेस ने कहा कि इसलिए सरकार के इस दावे पर भरोसा नहीं किया जा सकता कि ऋणमाफी योजना से 56 लाख किसानों को फायदा होगा.