Maharashtra News: महाराष्ट्र के नागपुर में शनिवार (28 जून) को संविधान प्रस्तावना पार्क (Constitution Preamble Park) का उद्घाटन कर दिया गया. नागपुर यूनिवर्सिटी के डॉ बाबासाहेब अंबेडकर स्कूल ऑफ लॉ में स्थापित देश के पहले संविधान प्रस्तावना पार्क का उद्घाटन देश के सीजेआई बीआर गवई ने किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे. उन्होंने इसे लेकर खुशी जाहिर की. 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "जिस कॉलेज में हमें कानून और संविधान पढ़ाया गया, जहां संवैधानिक मूल्यों को हमारे अंदर डाला गया, वहां अब एक बहुत ही सुंदर 'संविधान प्रस्तावना पार्क' विकसित किया गया है. देश के मुख्य न्यायाधीश इसका उद्घाटन करने के लिए यहां पहुंचे.'' इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कई दूसरे नेता मौजूद रहे.

बाबासाहेब की प्रतिमा का अनावरण

इस मौके पर भारत रत्न डॉ बाबासाहेब अंबेडकर की आदमकद प्रतिमा का भी अनावरण किया गया है. संविधान प्रस्तावना पार्क के केंद्र में संविधान को पकड़े हुए भारत रत्न डॉ बाबासाहेब की एक प्रतिमा स्थापित की गई है. 

सीजेआई बीआर गवई ने क्या कहा?

जस्टिस बीआर गवई ने नागपुर में संविधान प्रस्तावना पार्क के उद्घाटन पर कहा, ''आर्टिकल 370 डॉ. बीआर अंबेडकर की विचारधारा के खिलाफ था. बाबासाहेब ने देश को एकजुट रखने के लिए एक संविधान की कल्पना की थी और वे किसी राज्य के लिए अलग संविधान के समर्थक नहीं थे.''

'संविधान प्रस्तावना पार्क' बनाने का क्या मकसद?

डॉ बाबासाहेब अंबेडकर लॉ कॉलेज, जैसा कि इसे पहले जाना जाता था, अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है. आम लोगों को भारतीय संविधान के मूल्यों से परिचित कराने और छात्रों में इन मूल्यों को स्थापित करने के लिए 'संविधान प्रस्तावना पार्क' की स्थापना की गई है. 

'संविधान प्रस्तावना पार्क' की खासियत

'संविधान प्रस्तावना पार्क' में भारतीय संविधान की प्रस्तावना से 10 मूल्यों को दर्शाने वाले भित्ति चित्र भी हैं- भारतीय संविधान, हम भारत के लोग, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र, गणतंत्र, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व. लोकतंत्र के स्तंभों - राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट और अशोक स्तंभ की प्रतिकृतियां भी बनाई गई हैं. संविधान प्रस्तावना पार्क 2 एकड़ में फैला है, जिसमें एक भव्य एंट्री गेट है.