मुंबई माहनगरपालिका चुनाव (BMC Election) से पहले उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एक साथ आने के बाद से महाराष्ट्र की सियासत में उबाल आया हुआ है. एक ओर बालासाहेब ठाकरे के समर्थकों में खुशी की लहर है तो दूसरी ओर बीजेपी, अजित पवार गुट और कांग्रेस समेत समेत अन्य पार्टियां इसपर हमलावर हैं.

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इसी क्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे को नसीहत देते हुए एक बड़ा बयान दिया है. सीएम देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि 'धर्म विरोधी' और 'मानवता विरोधी' काम करने वालों को केवल मतों के तुष्टीकरण की नीति के लिए साथ लाना गलत है. जनता इसका जवाब देगी.

'सत्ता के लालच में उद्धव ठाकरे ने दिया प्रवेश'

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न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "देखिए... उद्धव ठाकरे और उनकी सेना शिवसेना यूबीटी का असली चेहरा और चरित्र इस बात से सामने आया है कि उन्होंने सत्ता के लालच में एक ऐसे व्यक्ति को प्रवेश दिया है, जो देश विरोधी और धर्म विरोधी है. मानवता विरोधी काम करने वालों को केवल मतों के तुष्टीकरण की नीति के लिए अगर वह साथ में लेंगे तो जनता ही इसका जवाब देगी."

'मराठी मानुष' के लिए उद्धव-राज ने किया गठबंधन का ऐलान

ठाकरे भाइयों ने बुधवार, 24 दिसंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक साथ आकर गठबंधन का ऐलान किया. दोनों भाइयों ने दावा किया कि मुंबई और मराठी मानुष के उत्थान के लिए उन्होंने साथ आने का तय किया है. उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने दावा किया कि इस गठबंधन के बाद कोई मराठी भाषा और मराठी लोगों के खिलाफ आवाज नहीं उठा सकेगा. 

उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुंबई को नोचने-खसोटने और उसे तहस-नहस करने की मंशा रखने वालों के प्रतिनिधि आज दिल्ली में बैठे हैं. यही उनके इरादे हैं. आज हम अपने कर्तव्य के तौर पर साथ आए हैं और साथ रहने के लिए आए हैं.