महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार (6 जनवरी) को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर कड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि जेएनयू में पैदा हुईं शरजील इमाम की ‘औलादों’ के इरादों को कुचल दिया जाएगा. देवेंद्र फडणवीस का यह बयान जेएनयू में हाल ही में हुए विवादित प्रदर्शन को लेकर आया है, जिसने एक बार फिर सियासी माहौल गरमा दिया है.

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा विवाद

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने सोमवार को 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में कार्यकर्ताओं उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया. इस फैसले के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में कुछ छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया, जो देखते ही देखते विवाद का कारण बन गया.

नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़क उठी थी.

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इन दंगों में 53 लोगों की जान गई थी, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. इस मामले में कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं पर साजिश रचने के आरोप लगे थे.

जेएनयू में नारेबाजी पर नाराजगी

उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिलने के विरोध में जेएनयू में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए गए.

इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने सख्त शब्दों में कहा कि ‘हम जेएनयू में पैदा शरजील इमाम की इन औलादों के इरादों को कुचल देंगे. हम ऐसे इरादों को कुचल देंगे.’’

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. सत्तारूढ़ खेमे ने इसे देशविरोधी गतिविधियों के खिलाफ सख्ती बताया. फिलहाल जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और दिल्ली दंगों का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है.