राज ठाकरे के लिए उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन के बाद मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. मनसे को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं. नेता संतोष धुरी के बाद अब अंधेरी ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में मनसे के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शिवसेना शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं. इससे इलाके में मनसे की राजनीतिक पकड़ कमजोर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.

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अंधेरी ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में हुई इस बड़ी राजनीतिक हलचल ने स्थानीय राजनीति का माहौल गर्म कर दिया है. बताया जा रहा है कि सैकड़ों की संख्या में मनसे के पदाधिकारी और कार्यकर्ता औपचारिक रूप से शिवसेना शिंदे गुट में शामिल हुए.

इस मौके पर शिवसेना अंधेरी ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के विधायक मुरजी पटेल मौजूद रहे और उन्हीं के हाथों सभी नेताओं-कार्यकर्ताओं ने पार्टी जॉइन की.

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मनसे की ताकत पर असर

स्थानीय स्तर पर मनसे लंबे समय से अपनी संगठनात्मक मजबूती दिखाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन हालिया घटनाक्रम से पार्टी को झटका लगा है. अंधेरी ईस्ट में मनसे के कई सक्रिय चेहरे अब शिंदे गुट के साथ नजर आ रहे हैं, जिससे आने वाले चुनावों में पार्टी की रणनीति पर असर पड़ सकता है.

पहले भी हो चुका है बड़ा बदलाव

गौरतलब है कि 4-5 दिन पहले ही मनसे के अंधेरी ईस्ट विधानसभा डिवीजन अध्यक्ष रोहन सावंत ने डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हाथों शिवसेना शिंदे गुट जॉइन किया था. तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि और भी नेता उनका अनुसरण कर सकते हैं, जो अब सच साबित होता दिख रहा है.

शिंदे गुट की बढ़ती ताकत

इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि अंधेरी ईस्ट में शिंदे गुट अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटा है. वहीं मनसे के लिए यह आत्ममंथन का समय माना जा रहा है कि आखिर पार्टी से जुड़े नेता और कार्यकर्ता लगातार दूसरे दल का रुख क्यों कर रहे हैं. आने वाले दिनों में अंधेरी की राजनीति में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.