महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मुगल शासक औरंगजेब को लेकर कहा कि वो भारत का हीरो नहीं है. भारत के किसी समाज का हीरो नहीं है. इसलिए उसपर फूल-हार चढ़ाने का कोई कारण नहीं है. लेकिन जहां तक उसके मजार का सवाल है तो ये देश के संसद ने जो कानून तैयार किया है, उस कानून के हिसाब से प्रोटेक्टेड जगह मानी जाती है. ये केंद्र सरकार के पुरातत्व विभाग के तहत है. इसलिए इसके बारे में कोई भी निर्णय राज्य सरकार नहीं कर सकती.
इतिहास को सही परिपेक्ष्य में देखना चाहिए- सीएम फडणवीस
शुक्रवार (18 जुलाई) को मीडिया से बातचीत में सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "मैं हमेशा ऐसा कहता हूं कि इतिहास को सही परिपेक्ष्य में देखना चाहिए और गलत चीजों का महिमा मंडन नहीं होना चाहिए."
इस्लामपुर का नाम ईश्वरपुर करने पर क्या बोले सीएम?
इस्लामपुर का नाम ईश्वरपुर करने के राज्य सरकार के फैसले पर सीएम ने कहा, "वहां का मूल नाम ईश्वरपुर था. उसका नाम इस्लामपुर किया गया था. इसलिए जो मूल नाम था, वही किया जाए इस प्रकार की मांग लगातार वहां के लोग करते थे."
विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है- सीएम
सीएम फडणवीस ने कहा कि विपक्ष के पास मुद्दे है ही नहीं. इसलिए वो सभाग्रृह के अंदर कोई मुद्दा उठाने की जगह रोज सुबह सीढ़ियों पर कोई न कोई इश्यू लेकर अपना प्रजेंश जताते हैं कि हमने विरोध किया है. एक भी मुद्दा प्रभाव के साथ और सबूत के साथ वो लोग नहीं रख पाए.
8 दिसंबर से शीतकालीन सत्र
बता दें कि महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा का सत्रावसान कर दिया, जिससे तीन सप्ताह तक चला मानसून सत्र समाप्त हो गया. इस सत्र के दौरान वामपंथी उग्रवाद से निपटने और मादक पदार्थ तस्करों को मकोका के तहत लाने से संबंधित प्रमुख विधेयक पारित किए गए. विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सत्रावसान आदेश विधानसभा में पढ़ा. राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आठ दिसंबर से नागपुर में शुरू होगा