छत्रपति संभाजी नगर में शिंदे गुट की शिवसेना और बीजेपी के बीच गठबंधन में दरार देखने को मिल रही है. बीजेपी की ओर से अकेले दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी की जा रही थी. लेकिन पार्टी को अब अंदरूनी गुटबाजी का सामना करना पड़ रहा है. नामांकन दाखिल करने में अब केवल कुछ ही घंटे बाकी हैं. लेकिन पार्टी की ओर से अब तक एबी फॉर्म नहीं मिला है.
इसी वजह से मंत्री अतुल सावे के कार्यालय में भारी भीड़ जमा हो गई. नाराज कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सावे के दफ्तर में पहुंचकर अपना गुस्सा और असंतोष जाहिर किया. हालात बेकाबू होते देख पुलिस की मदद से नाराज कार्यकर्ताओं को बाहर निकालना पड़ा.
टिकट वितरण को लेकर बीजेपी के भीतर जबरदस्त हंगामा
टिकट वितरण को लेकर संभाजीनगर में बीजेपी के भीतर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला. इच्छुक उम्मीदवारों ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई. एक महिला तो भावुक होकर रो पड़ी. टिकट न मिलने से आहत होकर एक महिला ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास भी किया. हालांकि पुलिस की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया. संभाजीनगर में बीजेपी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है. कार्यकर्ता पार्टी नेतृत्व से सवाल कर रहे हैं 'क्या निष्ठावान बने रहना हमारी गलती थी?'
कल से शुरू होगा बीजेपी कार्यकर्ताओं की नाराजगी
छत्रपति संभाजीनगर में टिकट न मिलने से बीजेपी के भीतर नाराजगी अभी भी कम होने का नाम नहीं ले रही है. वार्ड क्रमांक 20 से दावेदारी करने वाली दिव्या मराठे और उनके साथ एक अन्य इच्छुक वर्षा सालुंके दोनों ने बीजेपी के प्रचार कार्यालय में अनशन शुरू कर दिया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उन्हें स्वीकृत नगरसेवक पद दिए जाने का लिखित आश्वासन बॉन्ड पर नहीं दिया जाता, तब तक वे अपना अनशन वापस नहीं लेंगी. अब इस घटनास्थल पर पूर्व केंद्रीय मंत्री भागवत कराड और महाराष्ट्र के मंत्री अतुल सावे पहुंच गए है. लेकिन कार्यकर्ताओं के विरोध का उन्हें सामना करना पड़ रहा है.
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