बीएमसी चुनाव के बाद रोज नए समीकरण और सियासी तस्वीर सामने आ रही है. अब एक खबर शरद पवार और अजित पवार खेमे से निकलकर आई है. सूत्रों ने बताया कि बीएमसी चुनाव में जीते शरद पवार के एक और अजित पवार के तीन पार्षद मिलकर एक नया फ्रंट बनाने की तैयारी में है. एबीपी माझा के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि इसमें अखिलेश यादव की पार्टी सपा के दो पार्षद भी शामिल है. बता दें कि बीएमसी चुनाव में अजित पवार की एनसीपी अकेले मैदान में उतरी थी. वहीं शरद पवार की पार्टी उद्धव और राज ठाकरे के साथ थी.

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नया फ्रंट बनाने के पीछे क्या है वजह?

मुंबई में अजित पवार गुट तीन ही सीट जीत सकी. वहीं सपा ने दो और शरद पवार गुट के एक ही सीट पर जीत हासिल की. एबीपी माझा के मुताबिक, अगर छह पार्षद मिलकर एक नया गठबंधन या फ्रंट बनाते हैं तो इस ग्रुप को स्टैंडिंग कमेटी में एक सीट, रिफॉर्म कमेटी में एक सीट और एजुकेशन कमेटी में एक सीट हासिल हो सकती है. इसके अलावा इस ग्रुप को दूसरे छोटे कमेटी में जगह मिल सकती है.

इससे एक और तस्वीर उभकर सामने आ रही है. वो ये है कि अब मुंबई में भी शरद पवार और अजित पवार गुट साथ आते दिखाई दे रहे हैं. महानगरपालिका चुनाव में चाचा-भतीजा की पार्टी ने सिर्फ पुणे जिले की पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका में हाथ मिलाया था. यहां भी दोनों को कुछ खास सफलता नहीं मिली. यानी बीएमसी चुनाव में भले ही दोनों साथ न आए हों लेकिन अब चुनाव के बाद बन रहे समीकरणों ने दोनों दलों को पार्षदों को साथ आने का रास्ता तैयार कर दिया है.

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पिंपरी-चिंचवड़ में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. यहां बीजेपी को 84 सीटों पर जीत हासिल हुई. वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना को छह, अजित पवार गुट को 37 और शरद पवार गुट को 12 सीटें मिलीं. एक सीट अन्य के खाते में गई.