महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगर पालिका के चुनाव के बाद अब मेयर की तैयारी चल रही है. बीएमसी के मेयर को लेकर चल रही अटकलों के बीच शिवसेना नेता और प्रवक्ता संजय निरुपम ने साफ कहा है कि मुंबई का मेयर महायुति का होगा और इसमें तिल मात्र संकोच नहीं है. लॉटरी के जरिए जो फैसला निकलेगा उसके आधार पर आगे की रणनीति तय होगी. उन्होंने कहा कि UBT उल्टा लटके और अनुपस्थित हो तो भी उनका महापौर नहीं बनेगा. दोनों के दिल में स्टेन है जिस पर सहानुभूति है लेकिन उन्हें दबाव नहीं लेना चाहिए.

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उन्होंने कहा कि मुंबई का फैसला है कि बीएमसी भ्रष्टाचार मुक्त होना चाहिए और उद्धव विपक्ष में बैठे. कोई किसी प्रकार की हरकत करता है या टांग अडाने की कोशिश करता है तो मुंबई उसे माफ नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि कल लॉटरी है और लॉटरी में जो निकलेगा उसके अनुसार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे आगे का निर्णय लेंगे.

BMC Mayor : पार्षदों को होटल में क्यों ले गए?

महापौर पद को लेकर पेंच पर उन्होंने कहा कि अधिकृत तौर पर कहा गया है कि महायुति का होगा. मीडिया में अफवाहों के आधार पर खास डिमांड की बात कही जा रही है. नगरसेवकों को ट्रेनिंग देने उनके व्यवहार और उनके काम का तरीका समझाने के लिए उन्हें फाइव स्टार होटल में रखा गया था और वह होने के बाद उन्हें घर जाने दिया गया.

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BMC मेयर पद किसका, एकनाथ शिंदे या बीजेपी? अब ऐसे होगा महाराष्ट्र में फैसला

संजय निरुपम ने कहा कि 29 महानगर पालिका में नगर परिषद और नगर पालिका जैसा परिणाम महानगर पालिका में भी आया है. उद्धव की पार्टी अन्य महाराष्ट्र में खत्म हो गई है. मुंबई नासिक चंद्रपुर और परभणी को छोड़कर अन्य जगह UBT खत्म हो गई है.

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में एक नंबर की पार्टी BJP है. नगरसेवक सबसे ज्यादा BJP के हैं. दूसरे नंबर पर शिवसेना शिंदे की 399 नगरसेवक हैं और यह राज्य का दूसरा सबसे बड़ा पक्ष है. UBT के पास 155 नगरसेवक हैं जिसमें 65 सिर्फ मुंबई में हैं और वह राज्य में पांचवे नंबर की पार्टी है. पूरे राज्य में एक भी मेयर नहीं होगा. शिवसेना की 3 जगह मेयर बनेगी. उन्होंने कहा कि असली शिवसेना और नेता कौन है तो असली शिवसेना हमारी शिवसेना है और उसके नेता एकनाथ शिंदे हैं.