छिंदवाड़ा जिले में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के 58वें प्रांतीय अधिवेशन में शामिल होने आए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय के भवन निर्माण को लेकर बड़ी घोषणा की है. सांसद विवेक बंटी साहू की सक्रिय पहल और निरंतर प्रयासों के बाद मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे आगामी फरवरी माह में पुनः छिंदवाड़ा आकर विश्वविद्यालय की बिल्डिंग का भूमिपूजन करेंगे. सांसद साहू ने मंत्री से विस्तार से चर्चा कर बताया था कि सारना के पास भूमि आवंटित होने के बावजूद भवन न होने से शैक्षणिक कार्यों में बाधा आ रही है, जिस पर मंत्री ने अपनी मुहर लगाते हुए जल्द निर्माण कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया.

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एनएसयूआई ने बीजेपी पर बोला हमला

दूसरी ओर, इस दौरे को लेकर सियासत भी गरमा गई है. एनएसयूआई (NSUI) जिलाध्यक्ष अजय सिंह ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री के आगमन पर सवाल उठाए. ठाकुर का कहना है कि तत्कालीन सरकार ने विश्वविद्यालय के लिए 120 एकड़ भूमि और 480 करोड़ रुपये का बजट दिया था, लेकिन पिछले 6 वर्षों में भाजपा ने केवल नामकरण की राजनीति की है और वास्तविक निर्माण कार्य को रोक कर रखा है. विपक्ष ने आरोप लगाया कि बजट में कटौती करना भाजपा की आदिवासी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है. उन्होंने मंत्री और सांसद से सीधा सवाल किया कि इतने वर्षों की देरी के बाद अब तक ठोस निर्माण क्यों नहीं शुरू हो सका? वहीं, अधिवेशन स्थल वृन्दावन लॉन में पत्रकारों से चर्चा के दौरान अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने एक अन्य महत्वपूर्ण मांग उठाई. डॉ. सोलंकी ने कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित देश की सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव होने चाहिए, ताकि समाज को एक सक्षम नेतृत्व मिल सके.

अधिवेशन कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

इस कार्यक्रम के दौरान अधिवेशन आयोजन समिति के सदस्य, नगर मंत्री कुणाल निखाड़े और प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष भारत घई सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे. जहाँ भाजपा खेमा इस घोषणा को बड़ी उपलब्धि बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे केवल बयानों तक सीमित बता रहा है.

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