मध्य प्रदेश के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर विवादों में घिरे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक प्रीतम लोधी ने अपने बयान पर खेद जताया है. गुरुवार, 23 अप्रैल को पार्टी के शीर्ष नेताओं से बातचीत के बाद विधायक ने माफी मांगी. प्रीतम लोधी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात के बाद कहा, ‘‘अबसे मैं अपनी बातों पर ध्यान दूंगा और पार्टी के दिशा-निर्देशों का पालन करूंगा.’’

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दरअसल, एमपी बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इससे पहले प्रीतम लोधी को नोटिस भेजकर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था. शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा क्षेत्र से विधायक लोधी ने एक वीडियो में करेरा के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) डॉ. आयुष जाखड़ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. भारतीय पुलिस सेवा संघ की मध्य प्रदेश इकाई ने बीजेपी विधायक की टिप्पणी को अमर्यादित और इसकी भाषा धमकीपूर्ण बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी.

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बेटे के खिलाफ कार्रवाई होने पर भड़के थे बीजेपी विधायक

इससे पहले बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश ने पिछले दिनों करेरा थानाक्षेत्र में थार वाहन से टक्कर मारकर तीन मोटरसाइकिल सवार युवकों और दो पैदल चल रही महिलाओं को घायल कर दिया था. पुलिस ने इस मामले में दिनेश लोधी के खिलाफ केस दर्ज किया था और उसे पूछताछ के लिए करेरा थाना में बुलाया था. भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी आयुष जाखड़ की कार्रवाई से नाराज प्रीतम लोधी ने कथित तौर पर कहा था कि ‘‘करेरा किसी के ‘डैडी की जांगीर’ नहीं है’’.

बीजेपी विधायक के इस बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. प्रीतम लोधी ने कहा कि घटना के बाद पुलिस ने उनके बेटे के साथ जिस तरह का बर्ताव किया, उससे वह भावावेश में आ गए और टिप्पणी कर दी. उन्होंने कहा, ‘‘अगर मेरे शब्दों से किसी अधिकारी को ठेस पहुंची है तो मैं खेद व्यक्त करता हूं. सरकार अधिकारियों के सहयोग से चलती है.’

बीजेपी नेतृत्व से मिलने के बाद विधायक ने जताया खेद

प्रीतम लोधी ने कहा कि उन्होंने नोटिस का जवाब सौंप दिया है और पूरी घटना की जांच की मांग भी की है. वहीं, उन्होंने बताया, "हमारे परिवार ने जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी का सफर तय किया है. बीजेपी को खून पसीने से सींचने में हमारी तीन पीढ़ियां लगी हैं. हम बीजेपी के सच्चे सिपाही हैं. हमारे बेटे पर जो केस हुआ है, वह केस कोर्ट में गया है. दूसरा, पुलिस ने जो कार्रवाई की है, उसमें हमने पूरा सहयोग दिया है. पुलिस ने मेरे बेटे को पकड़कर उसका जुलूस निकाला था, जिससे मैं आहत हो गया था और मैंने गलत शब्दावली का इस्तेमाल कर दिया. अगर मेरी बात किसी अधिकारी को बुरी लगी हो तो मैं खेद व्यक्त करता हूं. ये अधिकारी हमारी सरकार में काम कर रहे हैं, उनके मेलजोल से ही सरकार चलती है."

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