रांची में छात्रों के आंदोलन के 24वें दिन सोमवार (17 अगस्त) को झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार झुक गई है. मुख्यमंत्री ऐलान किया कि TDPL के तहत कराई गई सभी परीक्षाएं रद्द होंगी. उन्होंने जेएसएसी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने की भी घोषणा की. साथ ही रिटायर्ड जज की निगरानी में जेएसएससी की परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जांच कराने का ऐलान किया. 

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सीएम की घोषणा के बाद 16 दिनों से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो ने भी अपना अनशन तोड़ने का ऐलान कर दिया. हालांकि छात्रों के गुट की तरफ से ये कहा गया है कि जब तक सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

 

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मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि इस मामले के सभी पहलुओं पर विचार करते हुए, हमने TDPL से जुड़ी सभी चीज़ों को रद्द करने का फ़ैसला किया है. इसमें आयोजित परीक्षाएं, घोषित नतीजे, चुने गए या शामिल हुए उम्मीदवार और TDPL की ओर से की गई अन्य सभी गतिविधियां शामिल हैं.

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पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अभी वर्तमान में जो छात्र छात्राएं अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और जो उनकी जो मांगे रहीं हैं, कुछ वार्ताएं भी हुई. वार्ता में क्या बातें हुई. वो सभी चीजे हमारे समक्ष आ रही थी और छात्र हितों को लेकर हमने कड़े कानून बनाएं हैं. अगर बनाएं हैं तो लागू करने की भी हिम्मत रखते हैं.

एसओपी का पालन होता तो गड़ब़ड़ी नहीं होती- सीएम

उन्होंने कहा कि हमारे नौजवान स्टेडियम में अपनी मांगों को लेकर बैठे हैं. अपने भविष्य को लेकर चिंता में हैं. रिफॉर्म बिल्कुल पार्दर्शिता के साथ सरकार काम करेगी. हालांकि परीक्षा को लेकर एसओपी बनी हुई है, एसओपी का पालन होता तो गड़ब़ड़ी नहीं होती. रिफॉर्म में उन सुझावों को जोड़ा जाएगा. रिफॉर्म के लिए आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृतव में काम करेगी.

जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए- सीएम

सीएम हेमंत सोरेन ने ये भी कहा कि परीक्षा में गड़बड़ियों की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनका खुलासा अभी नहीं किया जा सकता.

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