झारखंड की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा (JPSC) परीक्षा में कथित धांधली के मामले में गिरफ्तार आरोपी बुद्धेश्वर भगत ने CID की पूछताछ के दौरान बड़ा खुलासा किया है. सूत्रों के मुताबिक 14वीं JPSC पीटी में अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए कुल 100 करोड़ रुपये की वसूली की बड़ी योजना बनाई गई थी.

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11 अभ्यर्थियों से 1.10 करोड़ की हुई थी वसूली 

JPSC पीटी परीक्षा पास करने के लिए 24 अभ्यर्थियों से सेटिंग की गयी थी जिसमें से 11 अभ्यर्थियों से 1.10 करोड़ की वसूली हुई थी. बुद्धेश्वर भगत को अभय तिवारी का करीबी बताया जाता है. यह एनएचएम कार्यालय में संविदा पर काम करता था, कम्प्यूटर ऑपरेटर था.

जनरल और OBC कैंडिडेट से मांगे गए थे 90 लाख रुपये! 

दावा किया जा रहा है कि बुद्धेश्वर भगत विभिन्न एजेंटों के जरिये 24 अभ्यर्थियों से सम्पर्क किया और उनके प्रमाण पत्र अभय तिवारी को दिए. आरोप है कि एसटी अभ्यर्थियों से 70 लाख, जनरल और OBC से 90 लाख मांगे गए थे. पीटी से पहले 10 लाख, मुख्य परीक्षा से पहले 50 फीसदी और इंटरव्यू से पहले शेष रकम देने पर सहमति बनी थी.

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CID की जांच जारी, अबतक 22 लोग गिरफ्तार

हालांकि सीआईडी ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. बता दें CID का एक्शन जारी है. परीक्षाओं के धांधली के मामले में अबतक 22 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. CID पेपर लीक, अभ्यर्थियों से कथित वसूली और परीक्षा में गड़बड़ी के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है. परीक्षाओं में धांधली के आरोपों को लेकर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी

उधर, रांची में जेपीएससी-जेएसएससी समेत अन्य परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन शुक्रवार (14 अगस्त) को लगातार 21वें दिन भी जारी है. ये सभी छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे हुए हैं और परीक्षा रद्द करने, CBI जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं.

JPSC, JSSC CGL परीक्षा धांधली मामले में एक और गिरफ्तारी, दिल्ली से RK सिंह अरेस्ट