झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC CGL परीक्षा धांधली मामले में CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मिथिलेश सिंह उर्फ आरके सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. सूत्रों के मुताबिक, मिथिलेश सिंह को मुख्य आरोपी अभय तिवारी का करीबी बताया जा रहा है. परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच के दौरान CID के सामने मिथिलेश सिंह का नाम आया. बताया जा रहा है कि वह परीक्षा संचालन का काम करने वाली ICN इंडिया एजेंसी से जुड़ा हुआ था.

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आरोप है कि JSSC CGL प्रश्नपत्र लीक मामले में मिथिलेश की भूमिका रही है और जांच में उसके मास्टरमाइंड होने की आशंका भी जताई गई है. उस पर JPSC अभ्यर्थियों की कॉपियां आयोग से निकलवाकर बाहर लिखवाने का भी आरोप है. इसके अलावा परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनियों के माध्यम से प्रश्नपत्र लीक कराने, OMR में छेड़छाड़ करने और अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उन्हें परीक्षा में पास कराने वाले नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप भी हैं.

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CID की जांच में यह बात सामने आ रही है कि अलग-अलग परीक्षा संचालन करने वाली कंपनियों के जरिए कथित तौर पर गड़बड़ी कर अभ्यर्थियों का गलत तरीके से चयन कराया जाता था. बताया जा रहा है कि मिथिलेश सिंह पहले भी प्रश्नपत्र लीक कराने और परीक्षाओं से जुड़ी गड़बड़ियों के मामलों में जेल जा चुका है. फिलहाल CID उसे दिल्ली से रांची ला रही है.

छात्रों का आंदोलन जारी

दूसरी ओर धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 21वें दिन भी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी है. छात्रों का कहना है कि केवल जुबानी आश्वासन से काम नहीं चलेगा. वे JPSC की 14वीं पीटी परीक्षा रद्द करने को लेकर लिखित नोटिस और आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करने की मांग कर रहे हैं. छात्रों ने कहा कि अब वे मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत करना चाहते हैं और मंत्रियों के डेलीगेशन से बातचीत नहीं करेंगे. मुख्यमंत्री से मुलाकात कब और कहां होगी, इसका इंतजार किया जा रहा है.

छात्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास घेराव की भी तैयारी की जा रही है. हालांकि, घेराव की तारीख अभी तय नहीं हुई है. आंदोलनकारियों ने अब JPSC की 11वीं और 13वीं परीक्षा को भी रद्द करने की मांग उठाई है. छात्रों का दावा है कि इन परीक्षाओं में भी धांधली हुई थी और मुख्य आरोपी अभय तिवारी ने CID रिमांड के दौरान पूछताछ में इससे जुड़े खुलासे किए हैं.

विधानसभा मार्च के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर भी छात्रों में नाराजगी है. उनका कहना है कि शांतिपूर्ण मार्च के बावजूद प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की गई. छात्रों का आरोप है कि महिला अभ्यर्थियों की पुरुष पुलिसकर्मियों ने पिटाई की और रात में लाइट बंद कर कई अभ्यर्थियों के साथ मारपीट की गई. छात्रों के मुताबिक करीब 500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई है. उनकी मांग है कि विधानसभा मार्च के मामले में किसी भी छात्र के खिलाफ FIR दर्ज न की जाए.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी धरने में शामिल होने की अपील

आंदोलनकारी छात्रों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी धरने में शामिल होने की अपील की है. उनका कहना है कि राहुल गांधी को युवाओं का नेता कहा जाता है, इसलिए उन्हें रांची आकर छात्रों की मांग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने रखनी चाहिए. छात्रों ने कहा कि कांग्रेस सरकार में शामिल है, ऐसे में यदि उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं तो कांग्रेस को समर्थन वापस लेने पर विचार करना चाहिए.

छात्रों ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा निकालने का भी ऐलान किया है. यह यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाली जाएगी.

आंदोलनकारियों ने साफ किया कि उनके आंदोलन की तुलना दिल्ली के जंतर-मंतर के प्रदर्शनों से नहीं की जानी चाहिए. उनका कहना है कि यह छात्रों का आंदोलन है. भले ही यहां भीड़ कम है, लेकिन प्रदर्शन में शामिल लोग वास्तविक अभ्यर्थी हैं और उनकी मांगें वाजिब हैं. छात्रों ने कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं के लिए आंदोलन स्थल पर कोई जगह नहीं है. नेता चाहें तो छात्रों से मिलने आ सकते हैं, लेकिन उन्हें यहां बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

छात्रों की प्रमुख मांगों में JPSC और JSSC CGL परीक्षाओं में कथित धांधली की CBI जांच, JSSC CGL परीक्षा को रद्द करना और संबंधित परीक्षाओं में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच शामिल है.