झारखंड हाईकोर्ट के फैसले के बाद JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने एक बड़ी घोषणा की है. मंच ने कहा है कि शुक्रवार को सभी 24 जिलों में सीएम हेमंत का पुतला दहन किया जाएगा. रिफॉर्म्स मंच ने रांची प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार पर छात्रों को धोखा देने के आरोप लगाए हैं.

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मंच ने कहा, "आंदोलन को खत्म करने के लिये सरकार ने साजिश की थी. सीएम की बातों को मानकर हम लोगों ने आंदोलन खत्म किया था, लेकिन हमारे साथ धोखा हुआ है." 

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सरकार पर लगाए वादाखिलाफी का आरोप

JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा, "गुरुवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट में सरकार की तरफ से पक्ष रखने के लिए खड़े हुए वकील की कुटिल मुस्कान राज्य के लाखों छात्रों के मुंह पर तमाचा है." छात्र राज्य सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि जानबूझकर कमजोर आदेश निकाला था जो न्यायिक प्रक्रिया में टिक नहीं सकता था.

मंच ने कहा कि राज्य सरकार ने अदालत में परीक्षा रद्द करने का आधार नहीं रखा और न ही अबतक हुई CID की जांच में सामने आए सबूतों का हवाला दिया. हमने सरकार को 60 दिनों का वक्त दिया था, लेकिन इस धोखे के बाद अब समय से पहले उलगुलान होगा. 

मंच के नेता रवींद्र पासवान ने कहा, "सरकार ने राज्य के लाखों छात्रों को धोखा दिया है और उन्हें गुमराह करके उनका विरोध-प्रदर्शन खत्म करवाया है, इसलिए JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के बैनर तले शुक्रवार को सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंका जाएगा."

कोर्ट ने सरकार के आदेश पर लगाई रोक

बता दें झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक बार फिर सरकार छात्रों के निशान पर आ गई है. झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा से संबंधित नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी. कोर्ट  ने राज्य सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग से जवाब भी मांगा है.

सरकार के आश्वासन के बाद प्रोटेस्ट पर था विराम

बता दें कि JPSC- JSSC रिफॉर्म मंच मुल छात्रों का संगठन है, जिनके द्वारा 26 दिनों तक जयपाल मुंडा स्टेडियम में धरना प्रदर्शन किया गया था. छात्र आंदोलन के बीच झारखंड सरकार ने सीआईडी की जांच में मिले तथ्यों के आधार पर 22 परीक्षाओं को रद्द कर दिया था. सरकार द्वारा जारी आदेश में छह परीक्षाओं की प्रक्रिया को स्थगित और 17 परीक्षाओं में संभावित अनियमितता की जांच की बात कही गयी थी. इसके बाद छात्रों ने आंदोलन 2 महीने तक स्थगित करने की घोषणा की थी. यह कहते हुए की परीक्षाओं में धांधली की CBI जांच नहीं होगी तो दोबारा आंदोलन होगा.

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