झारखंड हाई कोर्ट के फैसले पर छात्र नेता रविंद्र पासवान ने रांची में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. गुरुवार (20 अगस्त) को उन्होंने कहा कि झारखंड की गठबंधन की सरकार ने छात्रों के साथ धोखा किया है. सरकार की मंशा आज हाई कोर्ट में देखने को मिली. ये धोखा सिर्फ छात्रों को नहीं बल्कि झारखंड की तमाम आवाम को दिया गया है. हम पिछले 26 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.
कल सभी जिलों में सीएम का पुतला दहन- रविंद्र महतो
रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार की मंशा थी कि किसी तरह छात्र आंदोलन को खत्म किया जाए. लेकिन आप ये भूल गए हैं कि जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच इतनी मजबूत हो चुकी है कि आपको जो दो महीने का समय दिए हैं, हम चाहें तो कल लाखों छात्रों को फिर से रांची की धरती पर बुला सकते हैं. हमारी मांग है कि आप अपनी मंशा को साफ करें और कमिटमेंट दिखाएं. नहीं तो दो महीने से पहले हम आंदोलन छेड़ दें. हम ये आह्वान करते हैं कि झारखंड सरकार की मंशा छात्रों के साथ नहीं है. सरकार ने आपको धोखा देने का काम किया है. कल झारखंड के सभी 24 जिलों में पुतला दहन कार्यक्रम होगा. पुतला दहन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का होगा.
अब छात्रों को भी राजनीति करनी पड़ेगी- रविंद्र महतो
रविंद्र पासवान ने ये भी कहा, "हम माननीय न्यायालय पर कोई कमेंट नहीं करना चाहेंगे. लेकिन सरकार ने जिस तरीके से वादा किया था, वो इरादा आज हमें देखने को नहीं मिला. अंदर हाई कोर्ट में हमें देखने को मिला कि सरकार की तरफ से जो अधिवक्ता गए थे उन्होंने अपनी बात ही नहीं रखी. हम छात्र थे, हमने झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री की बातों पर भरोसा किया. हमें लगा कि मुख्यमंत्री कम से कम छात्रों के साथ तो राजनीति नहीं करेंगे. लेकिन आज देख रहे हैं कि वो छात्रों के साथ भी राजनीति कर रहे हैं. अब छात्रों को भी राजनीति करनी पड़ेगी."
बता दें कि 18 अगस्त को झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली सरकार ने 2014 से आयोजित की गयी 22 परीक्षाएं रद्द कर दीं और 23 अन्य की जांच के आदेश दिए. हाई कोर्ट ने आज सरकार के फैसले पर रोक लगा दी.
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