जमशेदपुर के साकची स्थित एक होटल में 18 फरवरी को आयोजित प्रेस-वार्ता में झारखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा शुरू से ही नगर निकाय, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव कराने की नहीं थी और पिछले तीन वर्षों से जानबूझकर चुनाव लटकाए गए. उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने राज्य की 48 नगर निकायों में आंदोलन और प्रदर्शन कर सरकार को झुकने पर मजबूर किया. दबाव में आकर सरकार चुनाव करा रही है, लेकिन उसकी नीयत साफ नहीं है.

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दलीय आधार और EVM से भाग रही है सरकार- आदित्य साहू

प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि 2018 में दलीय आधार पर और ईवीएम से चुनाव हुए थे, लेकिन इस बार सरकार को हार का भय सता रहा है. सरकार जानती है कि छह वर्षों में शहर और गांव कहीं विकास नहीं हुआ. इसलिए दलीय आधार और ईवीएम से चुनाव कराने से भाग रही है. 26 साल बाद फिर से बैलेट पेपर पर चुनाव कराना लोकतंत्र को पीछे ले जाने जैसा है.

अपराधियों के सहारे चुनाव की साजिश- आदित्य साहू

आदित्य साहू ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार गुंडों और अपराधियों के बल पर चुनाव प्रभावित करना चाहती है. बीजेपी ने चुनाव आयोग से केंद्रीय बल की तैनाती और हर बूथ पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की थी, लेकिन सरकार इससे भी बच रही है.

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आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि चक्रधरपुर में BJP प्रत्याशी विजय सिंह गागराई को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई है. पोस्टर चिपकाकर डराने की कोशिश की जा रही है. महिलाओं को भी चुनाव प्रचार से रोकने के लिए धमकियां दी जा रही हैं. झारखंड में अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही है.

कड़िया मुंडा को धमकी पर सरकार मौन- आदित्य साहू

बीजेपी अध्यक्ष ने वरिष्ठ आदिवासी नेता एवं पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष कड़िया मुंडा को मिली धमकी का भी मुद्दा उठाया. कहा कि 8 बार सांसद रहे, झारखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरे रहे ऐसे वरिष्ठ नेता को फोन पर धमकी दी जा रही है और सरकार खामोश है. आखिर सुरक्षित कौन है इस राज्य में.

आदित्य साहू ने दावा किया कि जमशेदपुर में उद्योगपति के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण मामले में भी बीजेपी के आंदोलन और दबाव के कारण प्रशासन को सक्रिय होना पड़ा. अगर बीजेपी कार्यकर्ता सड़कों पर नहीं उतरते तो बरामदगी नहीं होती. उन्होंने धुर्वा और अन्य अपहरण मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में सैकड़ों बच्चे अब भी लापता हैं.

उन्होंने प्रशासन को सख्त संदेश देते हुए कहा कि सरकारें आती-जाती हैं, लेकिन पदाधिकारी स्थायी नहीं होते. प्रशासन टूलकिट न बने, निष्पक्ष होकर चुनाव कराए. पक्षपात करने वाले अधिकारियों को न्यायालय तक ले जाया जाएगा.

48 सीटों पर जीत का दावा

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने दावा किया कि बीजेपी-एनडीए समर्थित प्रत्याशी 48 सीटों पर जीत दर्ज करेंगे और यह चुनाव झारखंड की “युवा विरोधी, महिला विरोधी, व्यापारी विरोधी और आदिवासी मूलवासी विरोधी” सरकार के खिलाफ जनादेश साबित होगा. उन्होंने अंत में कहा यह चुनाव सिर्फ नगर निकाय का नहीं, यह लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है. जनता इस निरंकुश और अकर्मण्य सरकार को मुंहतोड़ जवाब देगी.