झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने शुक्रवार (21 अगस्त, 2026) को प्रेस वार्ता की. उन्होंने हाईकोर्ट में हेमंत सरकार की ओर से की गई पैरवी पर भी सवाल उठाया.
देवेंद्र महतो ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के दबाव में सरकार ने 17 अगस्त को 45 विवादित भर्ती प्रक्रियाओं पर कार्रवाई की थी. इनमें 22 परीक्षाओं को रद्द किया गया, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित की गई, जबकि 17 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए गए. जेपीएससी, फूड सेफ्टी ऑफिसर, सीडीपीओ और जेएसएससी-सीजीएल समेत कई भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामले अब अदालत में हैं.
उन्होंने कहा, "सरकार ने सीआईडी जांच और सामने आए तथ्यों के आधार पर इन परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था. हाईकोर्ट में सरकार को अपना पक्ष रखने का मौका मिला तो सीआईडी जांच में सामने आए तथ्यों और रिपोर्ट को प्रभावी तरीके से अदालत के सामने नहीं रखा गया, यह बड़ा सवाल है."
'किसी की नौकरी छीनना उद्देश्य नहीं'
देवेंद्र महतो ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी निर्दोष अभ्यर्थी की नौकरी छीनना नहीं है. यदि किसी भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष अभ्यर्थियों के भविष्य की भी सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए.
24 अगस्त से 'भर्ती सुधार यात्रा'
घोषणा की कि 24 अगस्त से शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से 'भर्ती सुधार यात्रा' शुरू होगी. यात्रा के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में छात्रों, शिक्षकों, प्रोफेसरों और आम लोगों के बीच भर्ती व्यवस्था को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा.
यह भी पढ़ें- JPSC परीक्षा: हाई कोर्ट के ऑर्डर पर देवेंद्र महतो बोले- 'अगर सरकार…'
उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करने की गारंटी देनी होगी कि भविष्य में झारखंड में पेपर लीक नहीं होगा और भर्ती परीक्षाओं में धांधली की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी. उन्होंने कहा कि यदि 45 भर्ती प्रक्रियाओं पर सीआईडी जांच के आधार पर कार्रवाई की गई है और जांच में गड़बड़ियां सामने आई हैं, तो दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि आगामी सितंबर में होने वाली न्यायिक सुनवाई में यदि सरकार ने अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखा तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के घेराव, चक्का जाम और जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी भी दी.
यह भी पढ़ें- JPSC विवाद: कोर्ट के स्टे पर JDU-BJP से बड़ा बयान, 'सोरेन सरकार...'
