मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज झारखंड की उभरती हुई अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल एवं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित अनुष्का कुमारी ने शिष्टाचार भेंट की. मुख्यमंत्री ने अनुष्का को नव वर्ष और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि नया साल आपके लिए एक बेहतरीन वर्ष साबित हो. आप अपने खेल से अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में एक नया मुकाम हासिल करें.
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं में अपनी खेल प्रतिभा से देश और राज्य का नाम रोशन करें, इसके लिए ढेरों आशीर्वाद. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फुटबॉलर अनुष्का को सम्मानित करने के साथ स्पोर्ट्स किट प्रदान किया. अनुष्का ने भी अपने अब तक के खेल अनुभवों को मुख्यमंत्री के साथ साझा किया.
'खेलों में आप आगे बढ़ें, सरकार करेगी पूरा सहयोग'
मुख्यमंत्री ने अनुष्का से कहा कि आप बेफिक्र होकर अपने खेल पर ध्यान दें. आपसे इस राज्य को काफी उम्मीदें हैं. आपकी हर जरूरत तथा सहयोग के लिए सरकार खड़ी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है. हमारी सरकार इन खेल प्रतिभाओं को निखारने के साथ वैसा प्लेटफार्म उपलब्ध करा रही है, जहां से वे खेलों की दुनिया में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकें. हमारी सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इस दिशा में कई ठोस कदम उठाए गए हैं. राज्य में खेल का बेहतर वातावरण तैयार करने तथा खिलाड़ियों को आगे ले जाने के लिए जो भी जरूरतें होगी, उसे उपलब्ध कराएंगे.
अनुष्का के परिजनों को सरकार की योजनाओं से जोड़ा जाएगा
मुख्यमंत्री ने अनुष्का कुमारी के रांची जिला के ओरमांझी प्रखंड स्थित रुक्का गांव में एक खेल मैदान विकसित करने का निर्देश रांची जिला प्रशासन को दिया. मुख्यमंत्री ने इस मौके पर उपस्थित रांची के उप विकास आयुक्त से कहा कि सु अनुष्का के परिजनों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए समुचित कदम उठाएं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आर्थिक संकट की वजह से किसी खिलाड़ी की प्रतिभा दबनी नहीं चाहिए. खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा को हर हाल में सामने लाना है ताकि उन्हें उनकी मंजिल मिले और खेलों की दुनिया में झारखंड की एक अलग पहचान बने.
अनुष्का ने फुटबॉल की दुनिया में बनाई है अपनी एक अलग पहचान
अनुष्का आज अपनी बेहतरीन खेल प्रतिभा के लिए "द गोल मशीन" के रूप में जानी जाती है. लेकिन, उसके यहां तक पहुंचने की दास्तान आसान नहीं रही. घर की आर्थिक हालात और संघर्ष के बीच फुटबॉल के प्रति जुनून से ही उसने यहां तक का रास्ता सफर किया. आज अनुष्का की अलग पहचान अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में बन चुकी है. विदित हो कि उसके पिता दिलेश मुंडा दिव्यांग हैं और माता दिहाड़ी मजदूरी कर घर- परिवार चलाती हैं. अनुष्का के दो भाई हैं. बड़ा भाई एक फैक्ट्री में मजदूरी करता है जबकि छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है.
अनुष्का ने कम उम्र में ही हासिल की कई उपलब्धियां
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 26 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय वीर बाल दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में अनुष्का कुमारी को फुटबॉल में उत्कृष्ट उपलब्धियां के लिए 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' से सम्मानित किया था. अनुष्का कुमारी कम उम्र में ही फुटबॉल के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल कर चुकी है. वह इस वर्ष मार्च में चीन में आयोजित होने वाले एशियाई अंडर-17 फुटबॉल प्रतियोगिता में एक बार फिर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी.
इससे पूर्व पिछले वर्ष सितंबर में भूटान में आयोजित सैफ अंडर- 17 फुटबॉल प्रतियोगिता में विजेता बनी भारतीय टीम की प्रमुख खिलाड़ी भी थी. इस प्रतियोगिता में उसने सबसे ज्यादा सात गोल किए थे. इस वजह से उसे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब से नवाजा गया था. वहीं, 2024 में नेपाल में हुए अंडर- 16 सैफ फुटबॉल चैंपियनशिप में उपविजेता रही भारतीय टीम की भी सदस्य थी. वह फिलहाल आवासीय बालिका फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र, हजारीबाग में प्रशिक्षण ले रही है और इस वर्ष दसवीं की परीक्षा में शामिल होगी.