झारखंड के गिरिडीह जिले में अंडर-19 क्रिकेट टीम की चयन प्रक्रिया विवादों के घेरे में आ गई है. रविवार (4 जनवरी) को गिरिडीह बस स्टैंड पर उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब चयन से असंतुष्ट खिलाड़ियों और उनके समर्थकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. आक्रोशित खिलाड़ियों ने न केवल चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए, बल्कि चयनित टीम को बोकारो ले जा रही बस को रोकने का भी प्रयास किया.
जानकारी के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब गिरिडीह क्रिकेट संघ द्वारा प्रस्तावित सूची में से झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन (JCA) ने अंतिम 15 खिलाड़ियों के नामों की घोषणा की. विरोध कर रहे अभिमन्यु सिंह, पंचानंद सिंह और अरविंद कुमार सहित अन्य खिलाड़ियों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव था.
उनका दावा है कि योग्य और प्रतिभावान खिलाड़ियों को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया और अधिकांश चयनित खिलाड़ी एक ही क्रिकेट अकादमी से जुड़े हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह चयन खेल प्रतिभा के आधार पर नहीं, बल्कि रसूख और सांठगांठ के आधार पर किया गया है.
पुलिस और संघ के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत
बस स्टैंड पर हुई तीखी नोकझोंक के बाद माहौल काफी गर्म हो गया था. प्रदर्शनकारी खिलाड़ी चयनित खिलाड़ियों की बस के सामने खड़े हो गए और उसे बोकारो रवाना होने से रोकने की कोशिश की. हालांकि, सूचना मिलते ही स्थानीय क्रिकेट संघ के पदाधिकारी और पुलिस ने हस्तक्षेप किया. अधिकारियों की समझाइश और हस्तक्षेप के बाद विरोध कर रहे खिलाड़ियों को हटाया गया, जिसके बाद चयनित टीम बोकारो के लिए रवाना हो सकी.
क्रिकेट संघ की सफाई: 'स्कोर और प्रदर्शन ही आधार'
वहीं, दूसरी ओर जिला क्रिकेट संघ के कोषाध्यक्ष अविनाश कुमार यादव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि गिरिडीह क्रिकेट संघ ने कुल 27 उत्कृष्ट खिलाड़ियों का डाटा झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन (JCA) को भेजा था. जेसीए ने खिलाड़ियों के पिछले स्कोर और प्रदर्शन के आंकड़ों के आधार पर ही 15 खिलाड़ियों का अंतिम चयन किया है. उन्होंने इस प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और नियमों के तहत बताया.
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर खेल चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. असंतुष्ट खिलाड़ियों ने मांग की है कि इस चयन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि भविष्य में किसी भी प्रतिभावान खिलाड़ी के साथ अन्याय न हो.
