झारखंड में सियासी हलचल के बीच JMM और BJP की बढ़ती नजदीकियों को लेकर चल रही अटकलों पर दुमका विधायक बसंत सोरेन ने विराम लगा दिया है. सीएम हेमंत सोरेन के छोटे भाई बसंत सोरेन ने साफ किया कि केंद्र के मंत्रियों से मुलाकात का मतलब यह नहीं कि हम विचारधारा से समझौता कर रहे हैं. 

Continues below advertisement

वहीं, इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग और सोमवार (2 फरवरी) को दुमका में होने वाले झारखंड दिवस को लेकर भी उन्होंने बड़ी बात कही है. झारखंड मुक्ति मोर्चा का भाजपा के प्रति 'सॉफ्ट कॉर्नर' होने के सवाल पर बसंत सोरेन ने बड़ी बेबाकी से जवाब दिया. 

बीजेपी को लेकर कही ये बड़ी बात

शिबू सोरेन आवास पर प्रेस वार्ता के दौरान बसंत सोरेन ने कहा कि बीजेपी के साथ उनकी कभी निजी दुश्मनी थी ही नहीं. उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के विकास और हक-अधिकार के लिए मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिलते रहते हैं, इसे राजनीतिक नजदीकियों के तौर पर देखना गलत है.

Continues below advertisement

गौरतलब है कि शिबू सोरेन को पद्मभूषण मिलने के बाद झामुमो नेताओं द्वारा केंद्र की सराहना करने पर राज्य में सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई थीं. वहीं, बिहार समेत अन्य राज्यों के चुनाव में 'इंडिया गठबंधन' द्वारा JMM को सीट नहीं दिए जाने पर बसंत सोरेन ने कहा कि इससे नुकसान JMM को नहीं, बल्कि खुद गठबंधन को हुआ है.

झारखंड दिवस की तैयारियों को लेकर क्या कहा?

2 फरवरी को दुमका में मनाए जाने वाले 'झारखंड दिवस' की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. बसंत सोरेन ने दावा किया कि इस बार का आयोजन ऐतिहासिक होगा और यह संथाल परगना में झामुमो की शक्ति का एहसास कराएगा.

इसी मौके पर दुमका सांसद नलिन सोरेन ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने यूजीसी (UGC) के नियमों और जातिगत मुद्दों को लेकर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि मौजूदा नियमों में कुछ विसंगतियां हैं, जिन्हें सुधार कर लागू करने की सख्त जरूरत है.