जम्मू-कश्मीर के इतिहास में 5 अगस्त की पूर्व संध्या को "काली रात" बताते हुए, PDP अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को घोषणा की कि वह पार्टी मुख्यालय में रात बिताएंगी. उन्हें डर था कि अनुच्छेद 370 को हटाने की बरसी पर बुधवार (5 अगस्त) को होने वाले विरोध प्रदर्शनों से पहले उन्हें नजरबंद या हिरासत में लिया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग तब तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे जब तक अनुच्छेद 370 और 35A को बहाल नहीं किया जाता और कश्मीर मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान नहीं निकल जाता.
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आर्टिकल 370 की बरसी पर क्या बोलीं महबूबा मुफ्ती?
मुफ्ती ने कहा, "आज रात जम्मू-कश्मीर के लिए एक काली रात है. हम विरोध करने के लिए बाहर आए हैं क्योंकि इसी रात एक साजिश रची गई थी और देश के संविधान ने जम्मू-कश्मीर को जो विशेष दर्जा दिया था चीन या पाकिस्तान ने नहीं दिया जो उसे छीन लिया गया."
उन्होंने आगे कहा कि इसे (अनुच्छेद 370) उसी तरह लूटा गया जैसे श्री राम मंदिर के लिए दिए गए दान को लूटा गया था. मुफ्ती ने कहा कि PDP अपना आंदोलन तब तक जारी रखेगी जब तक संवैधानिक प्रावधान बहाल नहीं हो जाते और कश्मीर मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान नहीं हो जाता.
उन्होंने कहा, "हम तब तक चुप नहीं रहेंगे जब तक जम्मू-कश्मीर मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान नहीं हो जाता और अनुच्छेद 370 और 35A बहाल नहीं हो जाते. यह हमारी पहचान का सवाल है."
महबूबा मुफ्ती ने लगाया ये आरोप
राज्य का दर्जा (स्टेटहुड) पर केंद्रित राजनीतिक चर्चा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "बहुत से लोग सिर्फ राज्य के दर्जे के बारे में बात करते रहते हैं ताकि लोग बाकी सब कुछ भूल जाएं." उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उग्रवादी हमलों के बाद सुरक्षा उपायों का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है.
उन्होंने कहा, "जब कोई सिपाही शहीद होता है, तो हजारों लोगों को जेल में क्यों डाला जाता है? कल छत्तीसगढ़ के दो मजदूर मारे गए. उसके बाद फिर से हजारों लोगों को हिरासत में ले लिया गया. उग्रवादी तो अपने घरों से भाग गए हैं, लेकिन उनके परिवारों के घर गिरा दिए जाते हैं और कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया जाता है. हमारे हजारों लोग जेल में हैं. कोई इस बारे में बात नहीं करता."
सरकार के दावों पर उठाया सवाल
हालात सामान्य होने के सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए मुफ्ती ने पूछा: "अगर वे दावा करते हैं कि स्थिति में सुधार हुआ है, तो वे सेना को बैरक में वापस क्यों नहीं भेजते? आम नागरिक आजादी से क्यों नहीं रह सकते? इतना दमन क्यों हो रहा है?"
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाना कश्मीर के लोगों के लिए अस्वीकार्य बना हुआ है. उन्होंने कहा, "लोग चुप हैं, डरे हुए हैं और उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है. लेकिन कोई भी कश्मीरी आर्टिकल 370 को खत्म किए जाने को स्वीकार नहीं कर सकता क्योंकि यह हमारी पहचान, हमारी जमीन और हमारी नौकरियों की रक्षा करता है. हम अपनी आखिरी सांस तक इसके लिए लड़ेंगे."
विरोध प्रदर्शन में पुलिस के बर्ताव पर भड़कीं महबूबा
विरोध प्रदर्शन के दौरान, मुफ्ती ने प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के कथित बर्ताव की भी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि एक महिला अधिकारी ने उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती के साथ बदसलूकी की. उन्होंने कहा, "अगर वह खुद एक महिला हैं और उन्होंने इल्तिजा के कपड़ों को छुआ, तो उन्होंने बहुत बड़ी गलती की है. हम शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे."
भारतीय तिरंगे और जम्मू-कश्मीर के पुराने राज्य के झंडे, दोनों को दिखाए जाने के बारे में मुफ्ती ने कहा, "ये दोनों झंडे हमारे हैं. ये दोनों हमें इस देश के संविधान ने दिए थे. एक झंडा रखा गया और दूसरा छीन लिया गया. जब तक इसे बहाल नहीं किया जाता और जब तक जम्मू-कश्मीर मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान नहीं हो जाता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा."
'आर्टिकल 370 को बहाल करने से ही विवाद हल नहीं होगा'
हालांकि, मुफ्ती ने कहा कि सिर्फ आर्टिकल 370 को बहाल करने से ही विवाद हल नहीं होगा. उन्होंने कहा, "मैं सिर्फ आर्टिकल 370 के बारे में बात नहीं कर रही हूं. हमारे पास पहले भी आर्टिकल 370 था, फिर भी हजारों लोग मारे गए और भारी मात्रा में संपत्ति नष्ट हुई. जम्मू-कश्मीर एक राजनीतिक मुद्दा है. भारत और पाकिस्तान को अपने लोगों से बात करनी चाहिए, उनकी शिकायतों को सुनना चाहिए, जो हमसे छीना गया था उसे बहाल करना चाहिए और जम्मू-कश्मीर को सम्मान के साथ जीने देना चाहिए."
मुफ्ती ने कहा कि वह रात भर PDP मुख्यालय में रहेंगी और बुधवार को वहीं विरोध प्रदर्शन करेंगी. उन्हें आशंका है कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने की 5 अगस्त की बरसी से पहले उन्हें नजरबंद या हिरासत में लिया जा सकता है.
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