जम्मू-कश्मीर का स्पेशल स्टेटस खत्म करने और राज्य को दो केंद्र-शासित प्रदेशों में बांटने की आठवीं बरसी के मौके पर, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पार्टी नेताओं को 5 अगस्त को पूरे जम्मू-कश्मीर में जिला-स्तर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का निर्देश दिया है. इन प्रदर्शनों का मकसद आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35A को पूरी तरह से बहाल करने की मांग करना है.
यह फैसला श्रीनगर में पार्टी मुख्यालय में महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद लिया गया. इस मीटिंग में कश्मीर भर के सभी जिला अध्यक्षों के साथ-साथ पार्टी के मुख्य, महिला और युवा विंग के नेता भी शामिल हुए, ताकि जमीनी स्तर पर होने वाले प्रदर्शनों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सके.
प्रदर्शन का केंद्र 2019 में छीने स्पेशल स्टेटस को बहाल करना
इस निर्देश का मकसद सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) से राजनीतिक रूप से अलग पहचान बनाना है, क्योंकि मुफ्ती का मानना है कि सिर्फ राज्य का दर्जा (स्टेटहुड) वापस पाने की मांग करने से मुख्य संघर्ष कमजोर पड़ जाता है. PDP अध्यक्ष ने जोर देकर पार्टी नेताओं से कहा कि विरोध प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र 2019 में छीने गए स्पेशल स्टेटस, पहचान और संवैधानिक गारंटियों को बहाल करना होना चाहिए. जिला-विरोध प्रदर्शन का शेड्यूल PDP के 27वें स्थापना दिवस पर घोषित किया गया, जिस दौरान एक औपचारिक प्रस्ताव भी पारित किया गया.
जम्मू में जाम में फंसे पर्यटकों के लिए राहत, आंशिक रूप से खुला हाईवे
प्रदर्शनों में आम लोगों की बड़े पैमाने पर भागीदारी के निर्देश
इस प्रस्ताव में बातचीत के जरिए 'सम्मान के साथ शांति' के लिए संघर्ष करने, कश्मीर मुद्दे को सुलझाने और पीर पंजाल व चिनाब जैसे इलाकों में प्रशासनिक न्याय सुनिश्चित करने की बात कही गई है. जिला प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे तुरंत लोगों तक अपनी पहुंच बढ़ाएं और यह सुनिश्चित करें कि प्रदर्शनों में आम लोगों की बड़े पैमाने पर भागीदारी हो, ताकि 2019 में लिए गए फैसले को लेकर जनता की एकजुट अस्वीकृति को दिखाया जा सके.
AIP 5 अगस्त को मनाएगी 'काला दिवस', नई दिल्ली और श्रीनगर मे होंगे कार्यक्रम
