कश्मीर घाटी में इन दिनों अफवाहों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है. सरकार जहां एलपीजी गैस, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. वहीं कुछ शरारती तत्व लॉकडाउन जैसी झूठी खबरें फैलाकर माहौल बिगाड़ने में लगे हैं.
इन अफवाहों के चलते लोगों में घबराहट फैल गई और कई इलाकों में जरूरी सामान की जमकर खरीदारी देखने को मिली. पेट्रोल पंपों पर भी लंबी कतारें देखी गईं, जबकि ईंधन की कोई कमी नहीं है. प्रशासन ने साफ किया है कि हालात पूरी तरह सामान्य हैं और लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें.
लॉकडाउन की अफवाहों को डीसी ने किया खारिज
कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने चल रहे ईरान युद्ध के कारण किसी भी संभावित देशव्यापी लॉकडाउन के फैसले से जुड़ी अफवाहों को खारिज कर दिया. साथ ही लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें. जरूरी चीजों की घबराहट में खरीदारी और पेट्रोल पंपों पर भीड़ की खबरों के बाद श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए, कश्मीर के डिविजनल प्रशासन ने यह साफ कर दिया कि कश्मीर घाटी में न तो लॉकडाउन का कोई फैसला लिया गया है और न ही जरूरी चीजों की कोई कमी है.
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सरकार की ओर से जारी नहीं हुई कोई जानकार- गर्ग
कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने कहा कि लॉकडाउन को लेकर कई अफवाहें फैलाई जा रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से ऐसी कोई जानकारी नहीं है. अगर ऐसा कोई फैसला लिया जाता है, तो उसकी आधिकारिक सूचना दी जाएगी. मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे घबराएं नहीं. जरूरी चीजों के स्टॉक पर लगातार नजर रखी जा रही है और उनकी उपलब्धता और वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है.
गर्ग ने अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि सख्त निर्देश जारी किए गए हैं और गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. लोगों को सही जानकारी के लिए केवल सरकार के आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करना चाहिए.
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