देश के कई हिस्सों में जहां लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं, वहीं जम्मू में लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए नई मुश्किलें लेकर आई है. रियासी जिले में बादल फटने से कई घरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि जम्मू शहर में तेज बारिश के बीच 200 साल पुराने ऐतिहासिक गदाधर मंदिर का एक हिस्सा गिर जाने से लोगों में नाराजगी फैल गई है.

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यह मंदिर जम्मू के ऐतिहासिक मुबारक मंडी परिसर में स्थित है और भगवान विष्णु के गदाधर स्वरूप को समर्पित माना जाता है. गुरुवार (4 जून) को हुई बारिश के दौरान मंदिर का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया. घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौके पर पहुंच गए.

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खुदाई को बताया जा रहा हादसे की वजह

स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर के पास स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत काफी समय से खुदाई का काम चल रहा है. उनका कहना है कि खुदाई के दौरान मंदिर की सुरक्षा के लिए कोई मजबूत प्रोटेक्शन वॉल या अन्य सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए. इससे मंदिर की नींव कमजोर हो गई और बारिश के कारण उसका हिस्सा गिर गया.

लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को पहले ही इस बारे में चेतावनी दी गई थी, लेकिन समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए.

हादसे से पहले मंदिर में चल रहा था भंडारा

स्थानीय निवासियों के अनुसार, जिस समय मंदिर का हिस्सा गिरा, उससे करीब 15 मिनट पहले ही वहां भंडारा समाप्त हुआ था. अगर हादसा उस दौरान होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था. इस बात को लेकर लोगों में और ज्यादा चिंता और गुस्सा देखने को मिल रहा है.

जम्मू युवा राजपूत सभा और अन्य संगठनों ने इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि खुदाई कार्य की वजह से मंदिर की नींव प्रभावित हुई है, इसलिए परियोजना से जुड़े ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए.

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फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति का जायजा लिया जा रहा है. स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि मंदिर के बचे हुए हिस्से को सुरक्षित किया जाए और भविष्य में ऐसे ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.