जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सरकार के ‘खर्च में कटौती’ के नाम पर नई सरकारी नौकरियों पर लगाई गई रोक को लेकर सियासी बवाल तेज हो गया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) युवा मोर्चा के कार्यकर्ता गुरुवार को सड़कों पर उतर आए और उमर अब्दुल्ला का पुतला फूंककर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.
वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश संख्या 198-F (2026) के तहत नई भर्तियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. साथ ही दो साल से अधिक समय से खाली पड़ी सरकारी सीटों को भी खत्म करने का निर्देश दिया गया है. भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष अरुण प्रभात ने कहा कि उमर अब्दुल्ला ने चुनावी घोषणा-पत्र में एक लाख नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आते ही उन्होंने रोजगार के दरवाजे बंद कर दिए. उन्होंने इस आदेश को युवाओं के साथ विश्वासघात और युवा-विरोधी नीति करार दिया. प्रभात ने कहा, “यह कोई वित्तीय समझदारी नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर के शिक्षित बेरोजगार युवाओं की आकांक्षाओं का मज़ाक उड़ाना है.”
प्रदर्शन में उमर का पुतला फूंका
चिलचिलाती गर्मी में भी BJP युवा मोर्चा के कार्यकर्ता हाथों में उमर अब्दुल्ला के पुतले, पोस्टर और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे. कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और उमर अब्दुल्ला सरकार को युवा-विरोधी बताया. प्रभात ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस आदेश को वापस नहीं लेती और रिक्त पदों को भरने की समयबद्ध योजना नहीं बनाती, तो पूरे जम्मू-कश्मीर में व्यापक जन-आंदोलन होगा.
प्रभात ने कहा कि सरकार को तत्काल इस कठोरता आदेश को वापस लेना चाहिए और एक समय-सीमा के भीतर सभी मौजूदा रिक्तियों को भरने के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा जारी करनी चाहिए. अन्यथा पूरे जम्मू-कश्मीर में एक व्यापक जन-आंदोलन का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा.
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