जम्मू कश्मीर को राज्य दिलाए जाने की मांग जोर पकड़ रही है, नेशनल कांफ्रेंस के विधायको ने मंगलवार को जम्मू कश्मीर विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया. नेशनल कांफ्रेंस के विधायक जम्मू कश्मीर को जल्द से जल्द राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे थे. 

मंगलवार को जम्मू कश्मीर में विधानसभा का सत्र शुरू होने से ठीक पहले नेशनल कांफ्रेंस के विधायको ने जम्मू कश्मीर विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया. हाथों में जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिए जाने और धारा 370 और 35 ए ही बहाली की मांग करते हुए पोस्टर लहराते हुए नेशनल कांफ्रेंस के विधायकों ने जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिए जाने के हक में नारेबाजी की.

एबीपी न्यूज से बात करते हुए नेशनल कांफ्रेंस के विधायक और चीफ व्हिप मुबारक गुल ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस हमेशा से जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाती रही है. उन्होंने कहा कि यह कोई नई मांग नहीं है बल्कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री द्वारा संसद में किए गए वादे को याद दिलाने की कोशिश है. 

जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने की मांग

उन्होंने कहा कि वह जम्मू कश्मीर विधानसभा में प्रस्ताव भी लेकर आ रहे हैं जिसमें वह जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिए जाने के साथ-साथ लद्दाख, गिलगित और बलूचिस्तान को जम्मू कश्मीर में शामिल करने की मांग की गई है. नेशनल कांफ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने कहा कि वह जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग लगातार उठाते रहे हैं.

'जम्मू कश्मीर को राज्य दर्जा देने का आ गया समय'

उन्होंने कहा कि यह कोई मांग नहीं है बल्कि इस बाबत गृहमंत्री और प्रधानमंत्री ने न केवल सदन में बल्कि जम्मू कश्मीर के लोगों से कई बार वादा किया है कि सही समय पर जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिया जाएगा और अब वह सही समय आ गया है. 

सदन में बोलते हुए निर्दलीय विधायक डॉ रामेश्वर सिंह ने कहा कि इस बार उप राज्यपाल के संबोधन में स्टेटहुड का कोई जिक्र नहीं था जिससे उन्हें चिंता हुई. उन्होंने कहा कि पिछले साल उपराज्यपाल के संबोधन में जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिए जाने की बात कही गई थी जिससे उन्हें उम्मीद की किरण जाग गई थी लेकिन इस साल उपराज्यपाल के संबोधन में ऐसी कोई बात नहीं थीं.

इसके साथ ही नेशनल कांफ्रेंस के पूंछ से विधायक एजाज जान ने कहा की जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिए जाने की मां के साथ-साथ वह जम्मू कश्मीर के धारा 370 और 35 एक ही वापसी की वकालत कर रहे हैं.