जम्मू-कश्मीर विधानसभा का बजट सेशन सोमवार (2 फरवरी 2026) से शुरू हुआ और इस बार भी इस सेशन के हंगामेदार होने की आशंका है. जम्मू-कश्मीर की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी का दावा है कि इस बार पार्टी ने उमर अब्दुल्ला सरकार को गिरने के लिए पूरी तैयारी कर ली है. बीजेपी के विधायक विक्रम रंधावा और बलवंत सिंह मनकोटिया के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में उमर सरकार के डेढ़ साल पूरे हो गए हैं, लेकिन अभी भी उन्होंने लोगों के साथ किए गए अपने वादों को पूरा नहीं किया है.
बीजेपी का आरोप- 'उमर सरकार हर वादे में रही नाकाम'
बीजेपी ने आरोप लगाया है कि चाहे वह बेरोजगारी का मुद्दा हो या लोगों को मुफ्त बिजली देने की बात उमर सरकार हर वादे पर नाकाम साबित हुई है. पार्टी आरोप लगा रही है कि अगस्त में आई बाढ़ और बारिश से जो तबाही जम्मू में हुई उसको भी सरकार ने नजर अंदाज किया है, जिसकी गूंज इस बार विधानसभा में सुनाई देगी. इस बार की विधानसभा में माता वैष्णो देवी कॉलेज आफ मेडिकल एक्सीलेंस का मुद्दा भी गूंजने की पूरी उम्मीद है.
वहीं जिस तरह से जम्मू में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की मांग उठ रही है, उस मांग में भी बीजेपी सुर में सुर मिलाती नजर आएगी. बीजेपी का आरोप है कि नेशनल कांफ्रेंस की नींव ही जम्मू विरोधी है और ऐसे में उनसे जम्मू के हक में कोई भी बात सुनने की उम्मीद नहीं की जा सकती.
सरकार को सर्टिफिकेट जनता देगी ना कि बीजेपी- उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी
एबीपी न्यूज से बात करते हुए जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि उमर सरकार को सर्टिफिकेट देने का काम जम्मू-कश्मीर के लोग करेंगे ना कि बीजेपी. उन्होंने कहा कि 5 साल के बाद उमर अब्दुल्ला एक हाथ में चुनाव में किए गए वादों की लिस्ट लेकर खड़े होंगे और दूसरे हाथ में इन पांच सालों में किए गए काम और वह फैसला जनता पर छोड़ेंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी हिंदू मुस्लिम की राजनीति करती आ रही है और जो लोग नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के डिमांड कर रहे हैं उन्हें इसकी स्पेलिंग तक नहीं आती.
नेशनल कांफ्रेंस के चीफ व्हिप मुबारक गुल के मुताबिक बीजेपी के पास कहने को कुछ नहीं है और वह किस मुंह से सरकार पर उंगली उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र में बैठी भाजपा सरकार उमर अब्दुल्ला सरकार को काम नहीं करने दे रही है. गुल के मुताबिक इस बार की विधानसभा में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की विमानत उठेगी.
विधानसभा के पहले दिन ही जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर अब्दुल रहमान राथर ने सभी दलों से सदन के दौरान संयम बरतने की बात कही. उन्होंने कहा कि इस बार के सेशन में वह किसी तरह के हंगामा या शोरगुल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.
