जम्मू विधानसभा में 11 फरवरी को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की BJP विधायकों पर की गई टिप्पणी को लेकर हंगामा जारी रहा. BJP विधायकों ने मुख्यमंत्री से माफी की मांग की और विरोध में सदन से वॉकआउट किया. यह विवाद 10 फरवरी को बजट भाषण के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है.

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10 फरवरी को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने बजट भाषण के दौरान टिप्पणी की थी कि शायद BJP विधायकों को गृहमंत्री ने जूते मारे हैं. इस बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे असंसदीय करार दिया. 11 फरवरी को सुबह 10 बजे जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई, BJP विधायक अपने स्थान से खड़े हो गए. उन्होंने स्पीकर से मांग की कि मुख्यमंत्री सदन में आकर स्पष्ट करें कि उनका बयान संसदीय भाषा है या नहीं, अन्यथा माफी मांगें.

मुख्यमंत्री की गैरहाजिरी और सरकार का पक्ष

जब यह मुद्दा उठाया गया तब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सदन में मौजूद नहीं थे. उनकी अनुपस्थिति में स्वास्थ्य मंत्री सकीना इंटू ने सरकार की ओर से जवाब दिया. उन्होंने कहा कि BJP भी अक्सर नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों और मंत्रियों पर टिप्पणी करती रही है.

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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जब मुख्यमंत्री बोल रहे थे तब भाजपा की ओर से भी कई तरह की टिप्पणियां की गईं. इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा विधायकों के बीच तीखी बहस हुई और सदन में शोरगुल बढ़ गया. इसी बीच स्वास्थ्य मंत्री ने BJP पर आरोप लगाया कि उन्होंने 50 बच्चों का भविष्य खराब किया है. उन्होंने कहा कि हिंदू मुस्लिम के आधार पर एक मेडिकल कॉलेज बंद किया गया, जिसके लिए भाजपा को माफी मांगनी चाहिए.

स्पीकर की चेतावनी और विपक्ष की मांग

BJP विधायक सुरजीत सिंह सलाथिया ने स्पीकर से कहा कि मुख्यमंत्री सदन में आकर अपने बयान पर या तो माफी मांगें या अपना पक्ष स्पष्ट करें. उन्होंने कहा कि बिना स्पष्टीकरण के कार्यवाही नहीं चल सकती.

जम्मू कश्मीर विधानसभा के स्पीकर ने पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सदन को नहीं चलने दिया गया तो उनके पास भी कार्रवाई करने के अधिकार हैं. नेता विपक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि इस तरह के शब्द विधानसभा के इतिहास में पहली बार सुनने को मिले हैं. उन्होंने स्पीकर से आश्वासन मांगा कि मुख्यमंत्री सदन में आकर अपने बयान पर जवाब देंगे.

उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी ने सुझाव दिया कि विवादित शब्दों को रिकॉर्ड से एक्सपंज किया जा सकता है. इसके बावजूद BJP विधायक संतुष्ट नहीं हुए और नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर गए. वॉकआउट के दौरान नालायक सरकार हाय हाय के नारे लगाए गए.