दुबई में 14 सितंबर को होने वाले भारत-पाकिस्तान एशिया कप मुकाबले को लेकर राजनीति गरमाई हुई है. विपक्ष इस मैच पर रोक लगाने की मांग कर रहा है. इसी बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि बहुपक्षीय टूर्नामेंट में खेलने पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए.

बहुपक्षीय टूर्नामेंट पर आपत्ति नहीं- उमर अब्दुल्ला 

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हमें समस्या केवल भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज को लेकर रही है. पीटीआई के अनुसार, उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि हमें कभी बहुपक्षीय टूर्नामेंटों से कोई समस्या हुई है. यह मैच एक टूर्नामेंट का हिस्सा है. अगर मैं सही समझ रहा हूं, तो यह मैच एक टूर्नामेंट का हिस्सा है, द्विपक्षीय सीरीज़ का नहीं. अगर चीजें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकती हैं, तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता." 

उन्होंने आगे कहा कि अक्सर, खेल राजनीति का शिकार हो जाते हैं - उपमहाद्वीप में क्रिकेट के मामले में यह बात और कहीं सच नहीं है. मेरे देश का यह हिस्सा पिछले 30-35 सालों से आतंकवाद का सीधा शिकार रहा है, और आप इसे यूं ही नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते. पहलगाम में जो हुआ, वह हमारी असली चिंता है और हम इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते.

मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में खेलना मजबूरी- अनुराग ठाकुर 

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि जब एसीसी या आईसीसी जैसे बहुपक्षीय टूर्नामेंट आयोजित करते हैं तो सभी देशों के लिए उसमें भाग लेना अनिवार्य हो जाता है. उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई देश इसमें नहीं खेलता तो उसे मैच छोड़ना होगा और अंक प्रतिद्वंद्वी टीम को मिल जाएंगे. ठाकुर ने यह भी दोहराया कि भारत पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज तब तक नहीं खेलेगा जब तक पाकिस्तान अपनी धरती से भारत पर आतंकवादी हमले बंद नहीं करता. उनका कहना है कि बहुपक्षीय टूर्नामेंट में खेलना किसी भी देश की प्रतिबद्धता और मजबूरी दोनों है.