जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने की सातवीं बरसी पर बुधवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने घाटी में अपना विरोध दर्ज कराया. पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने पार्टी नेताओं के साथ मिलकर श्रीनगर के सोनवार इलाके में एक विरोध मार्च निकाला और जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा (Special Status) बहाल करने की पुरजोर मांग की.

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इस मार्च में इल्तिजा के साथ पुलवामा के विधायक वहीद पारा और पार्टी प्रवक्ता मोहित भान भी शामिल थे. हालांकि, जब पीडीपी नेता अनुच्छेद 370 को बहाल करने के नारे लगाते हुए डलगेट इलाके की ओर बढ़ने लगे, तो पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया.

'पुलिस असली आतंक फैला रही है'

पत्रकारों से बातचीत करते हुए इल्तिजा मुफ्ती ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी केवल शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराना चाहती है. इल्तिजा ने मंगलवार रात के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा, "कल पुलिस ने हमारे साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की, हमारे फोन छीन लिए गए. मेरे शरीर पर अभी भी चोट के निशान हैं." उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें कहीं जाने नहीं दे रही है और महिला अधिकारी द्वारा की गई बदसलूकी को पर्यटकों व कश्मीरी लोगों ने भी देखा है. इल्तिजा ने तीखे शब्दों में कहा, "यहाँ पुलिस असली आतंक फैला रही है."

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केंद्र को चेतावनी: 'अपना झंडा और संविधान वापस लेंगे'

इल्तिजा मुफ्ती ने केंद्र सरकार को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा कि पार्टी उन अधिकारों के लिए लड़ती रहेगी जो सात साल पहले उनसे छीन लिए गए थे. उन्होंने हालिया युवा आंदोलनों का हवाला देते हुए कहा, "जिस तरह Gen-Z ने सरकार को घुटनों पर ला दिया, हम भी उन्हें उसी तरह मजबूर करेंगे." उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि वे यह पक्का करेंगी कि जम्मू-कश्मीर का झंडा, कानून और संविधान बहाल हो.

नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) पर भी साधा निशाना

अपने संबोधन में इल्तिजा मुफ्ती ने सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि NC स्थिति को पूरी तरह 'सामान्य' दिखाने की कोशिश कर रही है. इल्तिजा ने आरोप लगाया, "नेशनल कॉन्फ्रेंस केवल 'राज्य का दर्जा' (Statehood) पाने के लिए विरोध कर रही है, जबकि उन्हें जम्मू-कश्मीर के 'विशेष दर्जे' के लिए लड़ना चाहिए था."

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी के टूटने के बावजूद आज भी पीडीपी कार्यकर्ता अनंतनाग, पुलवामा, राजौरी, पुंछ और श्रीनगर में शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

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