जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के सात साल पूरे होने के मौके पर जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के प्रदर्शन के दौरान भारत के तिरंगे झंडे के अपमान का मामला तूल पकड़ रहा है. डोगरा फ्रंट में महबूबा मुफ्ती की गिरफ्तारी की मांग की है. जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के विदा हुए 7 साल पूरे हो गए हैं और इस अवसर पर जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस अनुच्छेद की बहाली के लिए प्रदर्शन किया जिसके दौरान उन्होंने जम्मू कश्मीर के पुराने झंडे के साथ तिरंगा झंडा लेकर प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन के दौरान महबूबा मुफ्ती ने जो तिरंगा झंडा पड़ा था वह उल्टा था जिस पर अब विवाद खड़ा हो गया है.

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डोगरा फ्रंट ने की गिरफ्तारी की मांग 

जम्मू में डोगरा फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि हाल ही में तिरंगे झंडे का अपमान करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानून बनाए गए हैं. डोगरा फ्रंट ने मांग की कि जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने तिरंगे झंडे का अपमान किया है और उनके खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए. डोगरा फ्रंट के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने आरोप लगाया की महबूबा मुफ्ती ने तिरंगे का अपमान किया है और उन्होंने जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से अपील की है की महबूबा मुफ्ती के खिलाफ तिरंगे झंडे के अपमान का मामला बनाकर उन्हें जेल भेज देना चाहिए.

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महबूबा मुफ़्ती पर गंभीर आरोप 

उन्होंने आरोप लगाया की महबूबा मुफ्ती की परेशानी धारा 370 का हटाना नहीं बल्कि यह है कि अब उन्हें पत्थर बाज नहीं मिल रहे. उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती की परेशानी यह है कि अब युवा पुलिस में भर्ती होने के लिए अपना की जान लगा रहे हैं. 

फिलहाल यह मामला अब राज्य की राजनीति में तूल पकड़ गया है, जिसमे महबूबा मुफ़्ती अब विरोधियों के निशाने पर आ गयीं हैं. अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस मामले में क्या फैसला लेती है.

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