जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने फरीदाबाद से बरामद 360 किलोग्राम संभावित अमोनियम नाइट्रेट, असॉल्ट राइफल और अन्य महत्त्वपूर्ण सामग्री के संबंध में अपनी प्रतिक्रिया दी है. एसपी वैद ने कहा है कि यह सामग्री किसी बड़े आतंकी वारदात की तैयारी का हिस्सा लगती है और इसके ठोस सुराग सामने आने पर चिंता होना स्वाभाविक है.
एसपी वैद बताया कि फरीदाबाद की कार्रवाई में दो डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं, डॉ. आदिल और डॉ. मुजम्मिल. इनकी पहचान और गिरफ्तारी की जानकारी वैद ने अपने बयान में साझा की. उनके अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ और जांच के क्रम में डॉ. आदिल का ट्रैकिंग कराकर उसे पकड़ा गया और उसकी निशानदेही पर बाद में डॉ. मुजम्मिल को भी हिरासत में लिया गया. दोनों के संबंधों और इनकी गतिविधियों की गहनता से जांच की जा रही है.
किसी बड़े आतंकी हमले की योजना बना रहा पाकिस्तान
एसपी वैद ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह इस पूरे घटनाक्रम को देश के आंतरिक हिस्सों में किसी बड़े हमले की योजना के इशारे के रूप में देखते हैं. इसीलिए इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और असाल्ट राइफल बरामद हुई है. वैद ने पाकिस्तान और इसकी खुफिया एजेंसी ISI का जिक्र करते हुए कहा कि वे बड़े आतंकी अभियान की योजना बना रहे हो और इसका ध्यान रखा जाना चाहिए.
कट्टरपंथी समूहों से आतंकवाद को मिल रहा बढ़ावा
बयान में एसपी वैद ने अंतरराष्ट्रीय संदर्भों का भी हवाला देते हुए कहा कि कुछ बाहरी तत्व और कट्टरपंथी समूहों को बढ़ावा मिलने से स्थिति और जटिल हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कट्टरपंथी रुझान किसी की शिक्षा या पद से प्रभावित नहीं होते. चाहे कोई डॉक्टर हो या उच्च पदस्थ अधिकारी. एसपी वैद ने वैश्विक स्तर पर सतर्कता बरतने और कट्टरपंथियों को बढ़ावा देने वाले तत्वों के प्रति चेतावनी जारी करने की आवश्यकता पर बल दिया.
जवाबी कार्रवाई के विकल्प मौजूद हैं हमारे पास- एसपी वैद
एसपी वैद ने अपनी टिप्पणी में भारत की सुरक्षा नीतियों और ऑपरेशनों का जिक्र भी किया और संकेत दिया कि जब आवश्यक होगा, तो जवाबी कार्रवाई के विकल्प मौजूद हैं. उनका यह भी कहना था कि सुरक्षा एजेंसियों को मिलकर तेज और ठोस कदम उठाने होंगे ताकि किसी भी संभावित हमले को समय रहते रोका जा सके.
फरीदाबाद में बरामद सामग्री और गिरफ्तारियों के बाद अब स्थानीय और केन्द्र शासित जांच एजेंसियां मामले की गहनता से तह तक जा रही हैं. अधिकारी अभी संभावित नेटवर्क, स्रोत और सामग्री की आपूर्ति-श्रृंखला का पता लगा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं और ऐसी कोई रचना सक्रिय तो नहीं है.
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