परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ और जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया सामने आई है. शुक्रवार (17 अप्रैल) को उन्होंने कहा कि लोगों को पता है कि यह गलत है. उन्होंने कहा कि इन्हें (सरकार) को बिल वापस लेना चाहिए. इनको (सरकार) पूरा यकीन था कि इन्हें दो तिहाई बहुमत नहीं मिलेगा. फिर इन्होंने रात को सोचा कि 2023 में पास हुए पुराने बिल को वापस लाया जाए. संविधान संशोधन बिल के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत है जो इनके पास नहीं है. अब ये क्या करेंगे, क्या नहीं ये तो खुदा जानता है लेकिन लोगों को पता है कि यह गलत है. इन्हें लोगों की बात सुननी चाहिए. 

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फारूक अब्दुल्ला ने कहा, "आपने यहां का डीलिमिटेशन देखा है. इन्होंने कितना गलत किया. इनका मकसद क्या है, वो बात है."

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पाकिस्तान की मध्यस्थता पर क्या बोले?

ईरान-अमेरिका में पाकिस्तान में दूसरे दौरे की वार्ता पर पाकिस्तान की मध्यस्थता पर उन्होंने कहा, "वो तो कर ही रहा है. हमने राष्ट्रपति ट्रंप का बयान सुना है. अल्लाह करे कि ये हो और अमन आए. सारी दुनिया इस मुसीबत में फंसी हुई है."

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर भी दी प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ ने कहा, "इंशाअल्लाह ममता जीतेंगी. हमारी दुआएं उनके साथ हैं."

आज लोकसभा में होगी वोटिंग

बता दें कि लोकसभा में अभी परिसीमन विधेयक पर चर्चा हो रही है. अमित शाह शाम 6 बजे लोकसभा में बोलेंगे. उनके भाषण के बाद इस विधेयक पर वोटिंग होगी. 

लोकसभा में किसके पास कितनी संख्या?

NDA- 293बीजेपी- 240टीडीपी- 40जेडीयू- 12शिवसेना- 7एलजेपी (आर)- 5अन्य- 13

इंडिया गठबंधन- 232कांग्रेस- 98सपा- 37टीएमसी- 28डीएमके- 22उद्धव गुट- 9अन्य- 38

परिसीमन के बाद लोकसभा की सीटें बढ़कर होंगी 816

इस विधेयक को पास कराने के लिए सरकार को 360 वोटों की जरूरत है. अगर परिसीमन लागू हो गया तो देश मौजूदा 543 लोकसभा की सीटें बढ़कर 816 हो जाएंगी. 

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